'अगर ऐसी ही स्थिति यूपी में हुई तो भविष्य में चुनाव मुश्किल होंगे', बिहार-बंगाल का जिक्र कर अखिलेश यादव ने लगाए आरोप

सपा प्रमुख ने मतदाता सूची, आरक्षण, किसानों, युवाओं और स्वास्थ्य व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर बीजेपी सरकार को घेरा, 2027 में सत्ता परिवर्तन का दावा भी किया।

 

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों में कथित तौर पर बेईमानी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी ही स्थिति उत्तर प्रदेश में भी पैदा हुई तो भविष्य में चुनाव होना मुश्किल हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने का दावा भी किया। कासगंज के सोरों गेट स्थित उर्मिला गार्डन के उद्घाटन के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कई राजनीतिक और जनहित से जुड़े मुद्दों पर बीजेपी सरकार को निशाने पर लिया।

 

अखिलेश यादव ने कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों में जिस तरह की कथित अनियमितताएं हुईं, यदि वही स्थिति उत्तर प्रदेश में भी दोहराई गई तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। सपा प्रमुख ने कहा, "बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनाव में जो बेईमानी हुई है, अगर वही लूट और बेईमानी उत्तर प्रदेश में भी हो गई तो उसके बाद भविष्य में कभी चुनाव नहीं होंगे।"  उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल के चुनाव में खुली बेईमानी हुई और आरोप लगाया कि बीजेपी बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान की भावना का पालन नहीं करती।

 

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर वोट काटने की तैयारी की गई थी, लेकिन विपक्ष पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और घर-घर जाकर मतदाता सूचियों की जांच करने का आह्वान किया। यादव ने कहा कि पंचायत और विधानसभा की मतदाता सूची की जांच से वास्तविक स्थिति सामने आएगी। सपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि पीडीए वर्गों के अधिकारों को कमजोर किया गया है और आरक्षण व्यवस्था पर असर पड़ा है।

 

अखिलेश यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो कथित फर्जी मुठभेड़ों की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश के विकास में समाजवादी सरकारों का योगदान रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी सरकार के समय शुरू की गई 108 एंबुलेंस सेवा और महिलाओं के लिए 102 एंबुलेंस सेवा की स्थिति वर्तमान में पहले जैसी नहीं रही है। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी अस्पतालों में इलाज, डॉक्टरों और दवाओं की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए।

 

अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा पूरा नहीं हुआ और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी भी नहीं मिल सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। नीट विवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे बड़ी संख्या में छात्र प्रभावित हुए।

 

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्राथमिक विद्यालय बंद हो रहे हैं, जबकि शराब की दुकानों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताई।


 

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