Ambedkar Nagar News: अधिवक्ताओं और वादकारियों की समस्याओं को लेकर बार एसोसिएशन अम्बेडकरनगर ने शासन एवं जिला प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें प्रमुखता से उठाई हैं। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील कुमार यादव एडवोकेट और सचिव अनिल कुमार वर्मा एडवोकेट के नेतृत्व में मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी को मांगपत्र भेजकर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) न्यायालय को जिला मुख्यालय पर स्थापित करने सहित तहसील स्तर की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई है।
बार एसोसिएशन ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण का क्षेत्राधिकार अम्बेडकरनगर मुख्यालय में बहाल करने की मांग उठाई है। मांगपत्र के अनुसार, करीब पांच वर्ष पूर्व अधिकरण का क्षेत्राधिकार अयोध्या से संबद्ध किए जाने के कारण जिले के अधिवक्ताओं और वादकारियों को न्यायिक कार्यवाही के लिए वहां जाना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त खपत होती है।
बार एसोसिएशन का कहना है कि अम्बेडकरनगर मुख्यालय से अयोध्या की दूरी करीब 75 किलोमीटर और फैजाबाद कचहरी की दूरी लगभग 65 किलोमीटर है। ऐसे में दुर्घटना से जुड़े मामलों में न्याय पाने के लिए वादकारियों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है। संगठन के मुताबिक, इस न्यायालय से संबंधित लगभग 2,000 मुकदमे विचाराधीन हैं। इसलिए जनहित में एमएसीटी न्यायालय को अम्बेडकरनगर मुख्यालय पर स्थापित किया जाना जरूरी है। इस संबंध में पूर्व में 6 सितंबर 2026 को भी न्यायमूर्ति के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख किया गया है।
बार एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को अलग मांगपत्र देकर अकबरपुर तहसील में व्याप्त समस्याओं के समाधान की मांग की है। इसमें पुरानी तहसील से सब-रजिस्ट्रार कार्यालय को अकबरपुर तहसील परिसर में नवनिर्मित भवन में स्थापित करने तथा नक्शा दुरुस्ती से संबंधित पत्रावलियों के शीघ्र निस्तारण के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग शामिल है।
इसके अलावा अभिलेखागार में आवश्यक अभिलेखों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, अभिलेखों के मुआयने के लिए पांच दिन निर्धारित करने, अधिवक्ताओं के बैठने की समुचित व्यवस्था करने और नकल जारी करने की प्रक्रिया सरल बनाने की मांग की गई है। बार एसोसिएशन ने तहसील अकबरपुर में आदेशों की फीडिंग में तेजी लाने तथा फैजाबाद अभिलेखागार से पुरानी पत्रावलियां मंगाने की व्यवस्था दुरुस्त करने की भी मांग रखी है। साथ ही एसडीएम अकबरपुर के स्थानांतरण से संबंधित मांग भी प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत की गई है।
न्यायिक और राजस्व कार्यों में देरी दूर करने की मांग
बार एसोसिएशन ने शासन और जिला प्रशासन से अधिवक्ताओं तथा आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाने की अपेक्षा की है। संगठन का कहना है कि इन समस्याओं का समाधान होने से न्यायिक एवं राजस्व संबंधी कार्यों में अनावश्यक देरी कम होगी और वादकारियों को समय व धन की बचत के साथ बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
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