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UP News: संघर्ष और संकल्प से मिलती है सफलता..., सीएम ने किया पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द की आत्मकथा का विमोचन

UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन सभागार में भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द की उपस्थिति में उनकी आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण का विमोचन किया।
Bureau
Bureau News Desk
14 Oct 2026
02:51 PM
1 min read
UP News: संघर्ष और संकल्प से मिलती है सफलता..., सीएम ने किया पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द की आत्मकथा का विमोचन
सोर्स-फाइल फोटो
हाइलाइट्स
रामनाथ कोविन्द की आत्मकथा का विमोचन
लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं को पुस्तकें पढ़ने की सलाह
सीएम योगी बोले- संघर्ष और संकल्प से मिलती है सफलता
जन्मभूमि और पुराने संबंधों को नहीं भूलना चाहिए

UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन में भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द की उपस्थिति में उनकी आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथाः मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के जीवन को संघर्ष, परिश्रम और दृढ़ संकल्प की प्रेरणादायी मिसाल बताया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अभावों को कमजोरी बनाने की जगह आगे बढ़ने की ताकत बनाना ही सफलता का सही मार्ग है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश रामनाथ कोविंद के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि रामनाथ कोविन्द की जन्मभूमि और कर्मभूमि उत्तर प्रदेश रहा है। यूपी के कानपुर देहात के परौंख गांव के गरीब परिवार में जन्मे रामनाथ कोविन्द ने विष परिस्थितियों के बाद भी शिक्षा हासिल की। वह अधिवक्ता के रूप में वंचितों की आवाज बने। इसके बाद सार्वजनिक जीवन में कदम रखते हुए उन्होंने राज्यसभा सदस्य, बिहार के राज्यपाल और फिर देश के राष्ट्रपति जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन किया।

सीएम योगी ने आगे कहा कि रामनाथ कोविन्द ने पांच वर्ष तक देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर रहते हुए सहजता और संवैधानिक मर्यादा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। उनका जीवन युवाओं को यह सीख देता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ इच्छाशक्ति से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। सीएम योगी ने रामनाथ कोविन्द का अपने गांव और पुराने परिचितों के प्रति लगाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति जीवन में चाहे जितनी ऊंचाई हासिल कर ले, लेकिन उसे अपनी जड़ों को कभी भी नहीं भूलना चाहिए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने युवाओं से सोशल मीडिया पर समय देने के बजाय महापुरुषों की जीवनियां और आत्मकथाएं पढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुस्तकें अनुभव और ज्ञान को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। स्मार्टफोन और सोशल मीडिया पर समय बिताने की जगह युवाओं को अध्ययन के लिए समय निकालना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

प्रदेश में 57,600 ग्राम सचिवालय बन चुके हैं और इनमें पुस्तकालय के लिए अलग कक्ष निर्धारित किया गया है। डिजिटल पुस्तकालयों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सके। कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द की पत्नी सविता कोविन्द, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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