लखनऊ। चिनहट के माधव ग्रींस लोलाई इलाके में बंद मकान को निशाना बनाकर चोरी का मामला सामने आया है। यहां हाईकोर्ट में निजी सचिव के पद पर तैनात गौतम कुमार सिन्हा के घर से नकदी और सोने-चांदी के आभूषण चोरी हो गए। परिवार 19 अगस्त को एक बीमार भतीजे को देखने के लिए पटना गया था। इसी दौरान घर बंद था।
पुलिस के अनुसार, चोरी की जानकारी 21 अगस्त को पड़ोसी के माध्यम से मिली। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। पड़ोसी के मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में दो संदिग्ध दिखाई दिए हैं। पुलिस अब फुटेज के आधार पर उनकी पहचान करने में जुटी है।
गौतम कुमार सिन्हा माधव ग्रींस लोलाई में पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते हैं। वह हाईकोर्ट में निजी सचिव के पद पर तैनात हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 19 अगस्त को वह परिवार के साथ घर बंद करके पटना गए थे। परिवार एक बीमार भतीजे को देखने के लिए वहां गया था।
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मकान के बंद होने की जानकारी आसपास के लोगों को थी। इसी दौरान चोरों ने घर को निशाना बनाया। घटना का पता 21 अगस्त को चला, जब पड़ोसी की नजर मकान के खुले मुख्य गेट पर पड़ी।
21 अगस्त की सुबह पड़ोसी सुभाष की पत्नी ने गौतम कुमार सिन्हा के मकान का मुख्य गेट खुला देखा। स्थिति असामान्य लगने पर उन्होंने फोन के जरिए गृहस्वामी को इसकी जानकारी दी।
सूचना मिलने के बाद गौतम कुमार सिन्हा ने पुलिस को मामले के बारे में बताया। चौकी प्रभारी मनोज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घर की स्थिति की जांच करने के बाद फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच कर जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस अब इन्हीं साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
प्रारंभिक जांच में मकान के मुख्य गेट का ताला टूटा मिला। इसके अलावा रसोईघर की रोशनदान वाली खिड़की भी टूटी हुई मिली। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आशंका है कि चोर इसी रास्ते से घर के अंदर पहुंचे।
घर में प्रवेश करने के बाद चोरों ने कमरों की तलाशी ली। अलमारी का लॉक भी टूटा मिला। अलमारी में रखी करीब एक लाख रुपये की नकदी और सोने-चांदी के आभूषण चोरी होने की जानकारी दी गई है। घटना के बाद घर का सामान अस्त-व्यस्त मिला और अलमारी का लॉक टूटा हुआ था।
पीड़ित के मुताबिक, चोर करीब एक लाख रुपये नकद और लगभग 10 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवर ले गए। इस आधार पर चोरी में कुल नुकसान करीब 11 लाख रुपये बताया गया है।
पुलिस मामले में चोरी गए सामान और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। चोरी की वास्तविक परिस्थितियों और आरोपियों की पहचान के लिए उपलब्ध सुरागों को जोड़ा जा रहा है।
मामले में पुलिस के हाथ सबसे अहम सुराग पड़ोसी के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के रूप में आया है। फुटेज में दो संदिग्ध मकान की ओर जाते और कुछ समय बाद वहां से निकलते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस अब फुटेज के आधार पर दोनों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। जांच में उनके हुलिए और गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का फोकस यह पता लगाने पर है कि सीसीटीवी में दिखाई दे रहे दोनों व्यक्ति चोरी की घटना से जुड़े हैं या नहीं।
इस मामले में पुलिस यह भी पता लगा रही है कि मकान के खाली होने की जानकारी चोरों तक कैसे पहुंची। परिवार 19 अगस्त को घर से बाहर गया था और 21 अगस्त को चोरी का पता चला।
पीड़ित ने अपनी तहरीर में घर पर काम करने वाली महिला, दूधवाले और परिवार को स्टेशन छोड़ने गए ओला चालक पर संदेह जताया है। हालांकि, ये नाम पीड़ित की ओर से जताए गए संदेह के आधार पर सामने आए हैं। पुलिस की जांच में अभी इन संदेहों की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इन पहलुओं की जांच सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से जुटाए गए अन्य साक्ष्यों के साथ कर रही है।
मकान 19 अगस्त को बंद हुआ था और 21 अगस्त को पड़ोसी ने उसका मुख्य गेट खुला देखा। इस अवधि के दौरान चोरी की वारदात हुई। घर के ताले और खिड़की की स्थिति से पुलिस को घटना के तरीके से जुड़े सुराग मिले हैं।
फॉरेंसिक टीम की जांच और सीसीटीवी फुटेज अब मामले की पड़ताल में महत्वपूर्ण आधार बने हुए हैं। पुलिस दोनों संदिग्धों की पहचान के साथ-साथ चोरी गए नकदी और आभूषणों से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।
इस मामले की जांच में पुलिस मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर आगे बढ़ रही है। पहला, चोरों को मकान के खाली होने की जानकारी कैसे मिली। दूसरा, सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे दोनों संदिग्ध कौन हैं। तीसरा, चोरी के बाद वे किस दिशा में गए।
पुलिस उपलब्ध फुटेज, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और पीड़ित की ओर से दी गई जानकारी का मिलान कर रही है। फिलहाल सीसीटीवी में दिखाई दे रहे दो संदिग्ध चोरी की जांच में प्रमुख सुराग बने हुए हैं।
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