राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज में राह चलते मोबाइल पर बात करना एक युवक के लिए भारी पड़ गया। सुनसान सड़क पर बाइक सवार तीन युवकों ने महज कुछ सेकेंड में उसका मोबाइल झपट लिया और जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। हालांकि, वारदात के बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों तथा मुखबिर तंत्र की मदद से महज 72 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई स्प्लेंडर बाइक भी बरामद कर ली है। पूछताछ में आरोपियों ने वारदात की पूरी योजना का खुलासा किया है।
पुलिस के अनुसार, घटना 29 जुलाई की रात की है। उन्नाव निवासी विवेक शुक्ला, जो वर्तमान में मोहनलालगंज क्षेत्र के भागूखेड़ा में रह रहे हैं, सड़क पर मोबाइल से बातचीत करते हुए जा रहे थे। इसी दौरान स्प्लेंडर बाइक पर सवार तीन युवक उनके पास पहुंचे।
बाइक के पीछे बैठे युवक ने अचानक झपट्टा मारकर विवेक का मोबाइल छीन लिया। पीड़ित ने विरोध करने की कोशिश की तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और नहर पटरी के रास्ते तेज रफ्तार से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई।
मोबाइल स्नैचिंग की सूचना मिलते ही मोहनलालगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटना के खुलासे के लिए तीन विशेष टीमें गठित कीं। टीमों ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, आरोपियों के भागने के संभावित रास्तों की पड़ताल की और तकनीकी सर्विलांस के जरिए संदिग्धों की पहचान की। पुलिस को मुखबिर से भी महत्वपूर्ण सूचना मिली, जिसके आधार पर रविवार को सैयद बाबा मोड़ के पास नहर पटरी पर घेराबंदी की गई।
पुलिस ने घेराबंदी कर विशाल, आरजू और अनुज को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से पीड़ित का छीना गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद हुई। गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को थाने लाकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने मोबाइल स्नैचिंग की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पहले युवक को मोबाइल पर बात करते हुए देखा था। इसके बाद सुनसान रास्ता मिलने पर वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई।
आरोपियों के मुताबिक बाइक चला रहे साथी ने वाहन की रफ्तार धीमी की, जबकि पीछे बैठे विशाल ने झपट्टा मारकर मोबाइल छीन लिया। वारदात के तुरंत बाद आरजू ने मोबाइल से सिम निकालकर अलग रख ली, ताकि पुलिस तकनीकी माध्यमों से आसानी से उन तक नहीं पहुंच सके। इसके बाद तीनों नहर किनारे के रास्ते मौके से फरार हो गए।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी आरजू का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ सुशांत गोल्फ सिटी थाने में मारपीट और पॉक्सो अधिनियम से संबंधित दो मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राजधानी में मोबाइल स्नैचिंग और राहजनी जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और मुखबिर तंत्र के समन्वय से इस मामले का खुलासा किया गया। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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