उमर खालिद को प्रकाश राज ने बताया "सुप्रीम हीरो", लिखा- मुझे गर्व है कि मैं...
प्रकाश राज अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर उमर खालिद को 'अपने समय का सुप्रीम हीरो' बता रहे हैं।
अभिनेता प्रकाश राज न केवल अपनी फिल्मों के लिए प्रसिद्ध हैं, बल्कि अपने 'हैशटैग जस्ट आस्किंग' सीरीज के लिए भी जाने जाते हैं। दरअसल अभिनेता 'हैशटैग जस्ट आस्किंग' कैम्पेन के तहत बॉलीवुड से लेकर राजनीतिक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करते रहते हैं। इस बार भी उन्होंने कुछ ऐसा ही किया। एक तरफ जहां जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद हाईकोर्ट से जमानत पाने की जद्दो-जहद में लगे हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ प्रकाश राज ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर उन्हें 'अपने समय का सुप्रीम हीरो' बता रहे हैं।
प्रकाश राज ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट उमर खालिद का वीडियो रीशेयर करते हुए लिखा, 'हमारे समय का सुप्रीम हीरो। मुझे गर्व है कि मैं इन्हें जानता हूं।' बता दें कि अभिनेता ने अपने कैप्शन के साथ 'फ्री उमर खालिद', 'फ्री ऑल पॉलिटिकल प्रिजनर्स (सभी राजनीतिक कैदियों को मुक्त करें)' और 'जस्ट आस्किंग' हैशटैग का इस्तेमाल किया है।
वीडियो में ऐसा क्या था?
प्रकाश राज द्वारा शेयर किए गए वीडियो में उमर खालिद अपने भांजे से मुलाकात करते हुए नजर आ रहे हैं। जिस यूजर ने उमर खालिद का यह वीडिया शेयर किया है, उसने जेएनयू के पूर्व छात्र का सपोर्ट करते हुए लिखा, 'हम इस बच्चे को क्या बताने जा रहे हैं कि उसके मामू को क्यों कैद किया जा रहा है? कि उसका मामू एक अच्छा इंसान है जो असहाय के लिए लड़ता है? कि वह बेहतर जीवन के लिए अमेरिका जा सकता था लेकिन उसने रहने का फैसला किया क्योंकि वह कम भाग्यशाली को पीछे नहीं छोड़ सका?'
क्यों जेल में बंद हैं उमर खालिद?
उच्च न्यायालय ने खालिद से 21 फरवरी, 2020 को अमरावती में अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के मामले में पूछताछ की थी। जिसके बाद खालिद को 13 सितंबर, 2020 को गिरफ्तार कर लिया गया था और तब से वह हिरासत में है। खालिद, शरजील इमाम, और कई अन्य लोगों पर आतंकवाद विरोधी कानून गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत कथित तौर पर फरवरी 2020 के दंगों के मास्टरमाइंड होने के लिए मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा उमर खालिद पर हिंसा भड़काने का आरोप है जिसके कारण दिल्ली में सीएए, एनआरसी के विरोध के बाद दंगे हुए। खालिद के खिलाफ चार्जशीट में हथियारों के इस्तेमाल और हिंसा के दौरान हमले के तरीके का जिक्र है जो आतंकी कृत्य की ओर इशारा करता है। दस्तावेज में कहा गया है कि विरोध का प्रयास 'भारत की एकता और अखंडता' को बाधित करना था।