>भारतीय क्रिकेट टीम के तेज़ गेंदबाज़ आकाशदीप सिंह को 50 लाख रुपये की ब्लैक टॉप मॉडल फॉर्च्यूनर डिलीवर करना एक डीलर को भारी पड़ गया। परिवहन विभाग ने नियम तोड़ने पर ₹3,96,000 का जुर्माना लगा दिया और डीलरशिप रद्द करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
>मामला तब उजागर हुआ जब यह पता चला कि डीलर ने गाड़ी बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) और बिना टैक्स कटे ही क्रिकेटर को सौंप दी। फैंसी नंबर UP 32 QW 0041 की बुकिंग रिसिप्ट तो काटी गई थी, लेकिन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अधूरी थी।
>आकाशदीप ने 7 अगस्त को लखनऊ के एक शोरूम से यह गाड़ी खरीदी और रक्षाबंधन के दिन (9 अगस्त) अपनी कैंसर पीड़ित बहन अखंड ज्योति को गिफ्ट करते हुए सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर कीं। इन्हीं तस्वीरों से सामने आया कि कार बिना पंजीकरण के सड़क पर चलाई जा रही थी।
>लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने उसी दिन गाड़ी पर ₹5000 का ई-चालान काटा। चालान में साफ लिखा गया कि वाहन बिना पंजीकरण के चलाया गया और डीलर का अस्थायी अंकन भी नहीं था।
>मोटर व्हीकल एक्ट 2019 की धारा 41(6) के तहत, बिना HSRP और टैक्स कटे वाहन ग्राहक को सौंपना अवैध है। इस नियम के उल्लंघन पर डीलर पर भारी जुर्माना, ट्रेड सर्टिफिकेट का निलंबन या निरस्तीकरण किया जा सकता है।
>ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने डीलर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एआरटीओ (प्रशासन) प्रदीप कुमार सिंह ने कहा— “नियम सभी पर समान रूप से लागू हैं, दोषी पाए जाने पर डीलर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।”
>जांच में पता चला कि लखनऊ के फैजुल्लागंज रोड स्थित सनी मोटर्स का नाम पहले भी इसी तरह के मामलों में सामने आ चुका है। मई 2025 की रिपोर्ट में भी डीलर द्वारा ₹39.6 लाख कीमत की गाड़ी बिना पंजीकरण डिलीवर करने की बात सामने आई थी।
>जुलाई 2025 में परिवहन विभाग ने ऐसे मामलों पर सख्ती करते हुए 25 डीलरों के ट्रेड सर्टिफिकेट निलंबित कर दिए थे और 50 शोरूम मालिकों को नोटिस जारी किए थे।
>उत्तर प्रदेश के परिवहन आयुक्त बृजेश नारायण सिंह ने स्पष्ट किया— “क्रेता चाहे कोई भी हो, गाड़ी डिलीवर करने से पहले सभी औपचारिकताएं पूरी होनी चाहिए। बिना टैक्स कटे और बिना HSRP के वाहन देने पर कड़ा एक्शन होगा।”
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