>उत्तर प्रदेश सरकार डिजिटल सशक्तिकरण और तकनीकी दक्षता की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ा चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डिजिटल उत्तर प्रदेश की परिकल्पना को साकार करते हुए “एआई प्रज्ञा” परियोजना के अंतर्गत बुधवार को लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन मुख्यालय में एक दिवसीय उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
>यह प्रशिक्षण जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा जैसे समसामयिक और अत्यंत प्रासंगिक विषयों पर केंद्रित था, जिसमें मिशन के अधिकारियों और कर्मचारियों को आधुनिक तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
डिजिटल सुरक्षा और व्यवहार पर विशेष फोकस
>कार्यक्रम के दौरान माइक्रोसॉफ्ट टीम और आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को बताया कि किस तरह से साइबर सुरक्षा, डिजिटल व्यवहार, सुरक्षित ऑनलाइन संचार, मोबाइल एप्स और वित्तीय लेन-देन में सतर्कता बरतना आज के दौर में अनिवार्य हो गया है।
>उदाहरण के तौर पर व्हाट्सएप उपयोग, ओटीपी फ्रॉड से बचाव, पब्लिक वाई-फाई की सावधानियां और व्यक्तिगत डेटा सुरक्षा जैसे विषयों पर व्यावहारिक डेमो भी प्रस्तुत किए गए।
तकनीकी दक्षता की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश
>उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा: “‘एआई प्रज्ञा’ सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि प्रदेश की तकनीकी क्षमता बढ़ाने की आधारशिला है। इसे जल्द ही प्रदेश के सभी प्रशिक्षण केंद्रों में लागू किया जाएगा, जिससे हजारों युवाओं को भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षित किया जा सकेगा।”
>कार्यक्रम में मिशन निदेशक प्रिया सिंह, विभागीय अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।
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