पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बुधवार को कोलकाता पहुंचकर निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात से पहले उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। राजभर ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार के दौरान अखिलेश यादव बंगाल नहीं गए और अब हार के बाद ईवीएम को मुद्दा बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
राजभर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ममता बनर्जी लंबे समय तक अखिलेश यादव के बंगाल आने का इंतजार करती रहीं, लेकिन वह चुनाव प्रचार में शामिल नहीं हुए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भीषण गर्मी में अखिलेश यादव रैलियां और रोड शो करने से बचते रहे और केवल सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित रहे।
राजभर ने अपने बयान में कहा, “ममता बनर्जी हफ्तों इंतजार करती रहीं कि अखिलेश यादव अब आएंगे तब आएंगे, लेकिन वह नहीं गए। भयानक गर्मी में अखिलेश निकलते कहां हैं? कैसे रैलियां और रोड शो करेंगे? पसीना निकलेगा, गर्मी लगेगी और सुबह उठना भी पड़ेगा।”
उन्होंने आगे कहा कि अब जबकि चुनाव खत्म हो चुका है, अखिलेश यादव कोलकाता जा रहे हैं, जहां वे एसी कमरों में बैठकर ममता बनर्जी को सांत्वना देंगे और उनसे भविष्य में उत्तर प्रदेश चुनाव में समर्थन की अपेक्षा करेंगे। राजभर ने दावा किया कि बंगाल दौरे के जरिए अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह संदेश देने की कोशिश करेंगे कि चुनावी हार का कारण ईवीएम है।
राजभर ने कहा, “अब बंगाल भी जा रहे हैं, अब रैली तो करनी नहीं है। एसी की ठंडक में बैठकर ममता जी को ढांढस देंगे और गुजारिश करेंगे कि ममता जी पिछले चुनाव की तरह यूपी जरूर आना। अखिलेश यह सब अपने लिए कर रहे हैं ताकि 2027 में जब वे हारे तो ईवीएम पर ठीकरा फोड़ सकें।”
उन्होंने अपने बयान में आगे कहा कि जनता अब राजनीतिक रूप से जागरूक हो चुकी है और सत्ता परिवर्तन का निर्णय जनता ही करती है। राजभर ने कहा, “शहजादों को याद रखना चाहिए कि अब जनता सिंहासन पर विराजमान है। जहां भी सिंहासन खाली नहीं हो रहा, जनता ने नारा दे दिया है कि सिंहासन खाली करो कि जनता आती है।”
इधर, अखिलेश यादव का यह दौरा पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। बंगाल चुनाव के बाद यह पहला अवसर है जब किसी बड़े विपक्षी नेता की ममता बनर्जी से औपचारिक मुलाकात होने जा रही है। मंगलवार को ममता बनर्जी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी थी कि अखिलेश यादव उसी दिन कोलकाता आना चाहते थे, लेकिन उन्हें बुधवार को आने के लिए कहा गया।
चुनाव परिणाम आने के बाद अखिलेश यादव पहले भी पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठा चुके हैं और भाजपा पर गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। अब उनकी ममता बनर्जी से होने वाली मुलाकात को विपक्षी एकजुटता और आगामी राजनीतिक रणनीति के नजरिए से भी देखा जा रहा है।
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