क्या लाठियां बांटकर प्रशासन को सही काम करने से रोक लेंगे? हाई कोर्ट की वकीलों पर सख्त टिप्पणी

कैसरबाग सिविल कोर्ट के आसपास अतिक्रमण हटाने के मामले में अदालत नाराज, आपराधिक अवमानना कार्रवाई पर विचार।
Bureau 26 May 2026, 02:46 PM 1 min read
क्या लाठियां बांटकर प्रशासन को सही काम करने से रोक लेंगे? हाई कोर्ट की वकीलों पर सख्त टिप्पणी

 

कैसरबाग स्थित सिविल कोर्ट परिसर के आसपास से अवैध कब्जे हटाने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के दौरान कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने वकीलों के बीच लाठियां बांटने के वीडियो और पिछले एक सप्ताह से न्यायिक कार्य प्रभावित होने के मुद्दे को गंभीर बताते हुए सख्त टिप्पणी की। खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा, “क्या लाठियां बांटकर प्रशासन को सही काम करने से रोक लेंगे?” अदालत ने यह भी संकेत दिया कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने पर विचार किया जा सकता है।

 

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने अनुराधा सिंह व अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका पर की। अपराह्न 3:45 बजे शुरू हुई सुनवाई करीब डेढ़ घंटे तक चली। इस दौरान अदालत कक्ष अधिवक्ताओं से भरा रहा। सुनवाई की शुरुआत में ही अदालत ने सिविल कोर्ट के वकीलों की ओर से उपस्थित अधिवक्ताओं से सवाल किया और लाठियां बांटने व न्यायिक कार्य बाधित करने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा।

 

दूसरी ओर, अधिवक्ताओं की ओर से नगर निगम की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए। उनका कहना था कि बिना विधिवत चिन्हांकन किए कार्रवाई की गई। साथ ही यह भी कहा गया कि एक फोटोकॉपी की दुकान, जिसका किराया जिला न्यायालय को जाता था, उसे भी तोड़ दिया गया। इस पर अदालत ने कहा कि उसे इस घटना की जानकारी है और संबंधित दुकान दुर्घटनावश क्षतिग्रस्त हुई थी। अदालत ने बताया कि प्रभावित दुकानदार को उसी स्थान पर दूसरी दुकान आवंटित कर दी गई है तथा नुकसान की भरपाई के प्रयास किए जा रहे हैं।

 

सुनवाई के दौरान अदालत ने दोहराया कि सिविल कोर्ट परिसर के आसपास लंबे समय से अतिक्रमण के कारण गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं। न्यायालय ने कहा कि कई बार एंबुलेंस तक जाम में फंस जाती थीं और ऐसी ही एक घटना में एक मरीज की मौत भी हो चुकी है। खंडपीठ ने यह भी जानकारी दी कि कैसरबाग स्थित पुरानी तहसील की जमीन वकीलों के चैंबर के लिए आवंटित करने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। अदालत के अनुसार, इस संबंध में बार एसोसिएशनों को भी सूचित किया जा चुका है।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?