अम्बेडकरनगर, 22 अगस्त: भ्रष्टाचार निवारण संगठन की अनुचित ट्रैप कार्रवाई के विरोध में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने शनिवार को थाना समाधान दिवस का बहिष्कार किया। संगठन के आह्वान पर अकबरपुर तहसील के लेखपालों ने तहसील परिसर में सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक धरना दिया और संबंधित मामले में निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई।
लेखपाल संघ ने उपजिलाधिकारी अकबरपुर को दिए पत्र में कहा कि फील्ड में कार्यरत लेखपालों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संगठन की कार्रवाई से संवर्ग के कर्मचारियों में आक्रोश और असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। संघ ने स्पष्ट किया कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ निष्पक्ष और वैधानिक कार्रवाई के समर्थन में है, लेकिन नियमविरुद्ध या अनुचित कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की ओर से 21 अगस्त को जारी पत्र के क्रम में प्रदेश की सभी तहसीलों में थाना समाधान दिवस का बहिष्कार कर धरना आयोजित करने का आह्वान किया गया था। इसी क्रम में अम्बेडकरनगर की अकबरपुर तहसील में भी लेखपाल धरने पर बैठे।
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संघ के अनुसार, विरोध का मुख्य कारण फील्ड में कार्यरत लेखपालों के खिलाफ की जा रही गलत एवं अनुचित ट्रैप कार्रवाई है। संगठन ने कहा कि ऐसे मामलों को लेकर कर्मचारियों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है और इस संबंध में उच्चस्तरीय स्तर पर निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।
अकबरपुर तहसील परिसर में आयोजित धरने के दौरान लेखपाल संघ के पदाधिकारियों और अन्य लेखपालों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। धरना सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक चला।
लेखपाल संघ ने अपने पत्र में अयोध्या जिले की सोहावल तहसील में लेखपाल उत्कर्ष दीप के खिलाफ हुई कार्रवाई का भी उल्लेख किया। संघ ने इस मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
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संघ का दावा है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में प्रथम दृष्टया रिश्वत मांगने का कोई स्पष्ट तथ्य सामने नहीं आता है। इसी आधार पर संगठन ने पूरे प्रकरण की जांच कर कार्रवाई समाप्त करने की मांग रखी है।
लेखपाल संघ ने साथ ही यह भी मांग की कि यदि जांच के दौरान किसी अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। संघ ने पूरे मामले की तथ्यात्मक और निष्पक्ष जांच पर जोर दिया है।
उपजिलाधिकारी अकबरपुर को दिए गए पत्र में लेखपाल संघ ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि संगठन भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का विरोध नहीं करता। संघ के अनुसार, भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कार्रवाई निष्पक्ष और कानून के अनुरूप होनी चाहिए।
संगठन ने कहा कि यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत या आरोप है तो उसकी जांच निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत की जानी चाहिए। संघ की आपत्ति उन कार्रवाइयों से है जिन्हें वह नियमविरुद्ध या अनुचित मानता है। इसी आधार पर लेखपाल संघ ने संबंधित मामले में जांच की प्रक्रिया, उपलब्ध साक्ष्यों और कार्रवाई के तथ्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की मांग उठाई है।
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अकबरपुर तहसील में आयोजित धरने में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के अध्यक्ष शिव प्रकाश तिवारी सहित नीतू सिंह, गरिमा, रुपेश यादव, संतोष वर्मा, अमित वर्मा, राहुल राना और वरुण तिवारी समेत अन्य पदाधिकारी और लेखपाल शामिल रहे।
धरने के दौरान संघ की ओर से कर्मचारी हितों से जुड़ी मांगों को रखा गया। संगठन ने कहा कि फील्ड में काम करने वाले लेखपालों को ऐसा कार्य वातावरण मिलना चाहिए जिसमें वे अपने दायित्वों का निर्वहन बिना भय और दबाव के कर सकें।
लेखपाल संघ ने अपने विरोध के साथ कर्मचारियों के लिए भयमुक्त, निष्पक्ष और सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की मांग भी की। संगठन का कहना है कि फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई में निष्पक्षता और निर्धारित प्रक्रिया का पालन जरूरी है।
संघ ने प्रशासन से संबंधित प्रकरणों में निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
लेखपाल संघ की ओर से उठाई गई मांगों में विशेष रूप से यह शामिल है कि कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते समय उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष तरीके से जांच हो और किसी भी कर्मचारी के खिलाफ नियमों के विपरीत कार्रवाई न की जाए।
लेखपाल संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी के 21 अगस्त के पत्र के बाद प्रदेश की सभी तहसीलों में थाना समाधान दिवस के बहिष्कार और धरने का कार्यक्रम रखा गया। अम्बेडकरनगर के अकबरपुर में भी इसी निर्णय के तहत प्रदर्शन आयोजित किया गया।
थाना समाधान दिवस में आम तौर पर स्थानीय स्तर पर शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहते हैं। ऐसे में लेखपालों की अनुपस्थिति उस दिन के कार्यक्रम में उनकी भागीदारी से जुड़ी रही। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अकबरपुर तहसील में लेखपालों ने निर्धारित समय के दौरान तहसील परिसर में धरना देकर अपनी मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं।
लेखपाल संघ ने संबंधित कार्रवाई के मामले में कई मांगें सामने रखी हैं। इनमें अयोध्या के सोहावल तहसील में लेखपाल उत्कर्ष दीप के खिलाफ हुई कार्रवाई की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच प्रमुख है।
संघ का दावा है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में प्रथम दृष्टया रिश्वत मांगने का कोई स्पष्ट तथ्य नहीं दिखाई देता। इसी दावे के आधार पर संगठन ने पूरे प्रकरण की दोबारा जांच कर कार्रवाई समाप्त करने की मांग की है।
इसके अलावा संघ ने मामले में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग भी रखी है। संगठन ने लेखपाल संवर्ग के कर्मचारियों के लिए भयमुक्त और सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित किए जाने पर भी जोर दिया।
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