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यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी तेज, एक सप्ताह में सेक्टर ऑफिसर और पुलिस ऑफिसर नियुक्त करने के निर्देश

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने जिला निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में मतदान केंद्रों, सुरक्षा व्यवस्था और ईवीएम वेयरहाउस को लेकर समयबद्ध निर्देश दिए।
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Bureau News Desk
07 Oct 2026
08:37 PM
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यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी तेज, एक सप्ताह में सेक्टर ऑफिसर और पुलिस ऑफिसर नियुक्त करने के निर्देश
हाइलाइट्स
विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के लिए एक सप्ताह में सेक्टर ऑफिसर और सेक्टर पुलिस ऑफिसर नियुक्त करने के निर्देश।
नियुक्त अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से निर्वाचन संबंधी दायित्वों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों को लेकर निर्वाचन प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है। बुधवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा की अध्यक्षता में जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस आयुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक हुई। बैठक में निर्वाचन तैयारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने और संबंधित व्यवस्थाओं के सत्यापन को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए। बैठक में सेक्टर ऑफिसर और सेक्टर पुलिस ऑफिसर की नियुक्ति, मतदान केंद्रों की मूलभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, वल्नरेबिलिटी मैपिंग, मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी और ईवीएम वेयरहाउस की निगरानी सहित विभिन्न विषयों पर दिशा-निर्देश दिए गए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार विधानसभा सामान्य निर्वाचन की तिथि से चार महीने पहले सेक्टर ऑफिसर और सेक्टर पुलिस ऑफिसर की नियुक्ति किए जाने का प्रावधान है। विगत विधानसभा निर्वाचन में मतदान की पहली तिथि को ध्यान में रखते हुए आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के लिए एक सप्ताह के भीतर सेक्टर ऑफिसर और सेक्टर पुलिस ऑफिसर की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों में अधिकारियों की नियुक्ति के साथ उनकी क्षमता और संवेदनशील क्षेत्रों से संबंधित कार्यों के निर्वहन को भी ध्यान में रखने को कहा गया है। नियुक्ति के बाद जनपद स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से इन अधिकारियों को उनके दायित्वों और निर्वाचन संबंधी प्रावधानों का प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश हैं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य यह है कि निर्वाचन के दौरान संबंधित अधिकारी उन्हें सौंपे गए दायित्वों का प्रभावी तरीके से निर्वहन कर सकें।

बैठक में सेक्टर ऑफिसर की जिम्मेदारियों को लेकर भी निर्देश दिए गए। सेक्टर ऑफिसर मतदान से पहले ईवीएम जागरूकता कार्यक्रमों तथा मतदान के दिन मतदान संबंधी कार्यवाहियों का अपने क्षेत्र में पर्यवेक्षण करेंगे। मतदान दिवस पर संबंधित मतदेय स्थलों पर तैनात मतदान अधिकारियों के कार्यों का भी सेक्टर ऑफिसर द्वारा पर्यवेक्षण किया जाएगा। इससे पहले सेक्टर ऑफिसरों को अपने क्षेत्र में आने वाले मतदेय स्थलों का भ्रमण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करना होगा।

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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सेक्टर ऑफिसर और सेक्टर पुलिस ऑफिसर को वल्नरेबिलिटी मैपिंग से संबंधित फॉर्मेट वीएम-1 समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वीएम-1 में पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों से संबंधित विभिन्न सूचनाओं को दर्ज किया जाता है। इसमें आपराधिक मुकदमों, जातिगत हिंसा, आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन, नकदी और अन्य प्रकार की सामग्रियों की जब्ती, पुनर्मतदान, गंभीर आपराधिक मुकदमों वाले व्यक्तियों तथा शराब से संबंधित मुकदमों आदि का विवरण शामिल किया जाता है। निर्देश के अनुसार वीएम-1 में उपलब्ध जानकारी के आधार पर सेक्टर ऑफिसर और सेक्टर पुलिस ऑफिसर अपने-अपने क्षेत्रों का भ्रमण करेंगे। भ्रमण के बाद आवश्यकता के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

निर्वाचन अधिकारियों को मतदान केंद्रों पर मतदाताओं और मतदान कार्मिकों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का स्थलीय सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान मतदान केंद्र तक पहुंचने वाले मार्ग की स्थिति के साथ विद्युत व्यवस्था, फर्नीचर, रैम्प, शौचालय, छाया और पेयजल जैसी सुविधाओं की उपलब्धता की जांच की जाएगी। सेक्टर ऑफिसर निरीक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रस्तुत करेंगे। यदि किसी मतदेय स्थल पर आवश्यक सुविधा की कमी पाई जाती है तो जिला निर्वाचन अधिकारी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर उसे निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने की कार्रवाई करेंगे। इस प्रक्रिया के तहत मतदान केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का समयबद्ध सत्यापन करने और कमियों को मतदान से पहले दूर करने पर जोर दिया गया है।

बैठक में क्रिटिकल मतदेय स्थलों के चयन को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि क्रिटिकल मतदेय स्थलों के चयन का आधार हैंडबुक फॉर सेक्टर ऑफिसर में निर्धारित किया गया है। निर्धारित मानकों के अनुसार क्रिटिकल मतदेय स्थलों की सूची तैयार करने की कार्रवाई समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही ऐसे मतदेय स्थलों की पहचान करने को भी कहा गया है जहां मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मोबाइल नेटवर्क से जुड़ी व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। जिन मतदान केंद्रों पर मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है, वहां संबंधित जनपद के सेवा प्रदाता के साथ समन्वय स्थापित कर नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने की कार्रवाई करने को कहा गया है। निर्देशों के अनुसार मतदान प्रक्रिया के दौरान संचार और निर्वाचन संबंधी कार्यों में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए नेटवर्क कनेक्टिविटी वाले मतदान केंद्रों की पहचान और आवश्यक कार्रवाई समय से पूरी की जानी है।

बैठक में ईवीएम वेयरहाउस की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर भी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि ईवीएम वेयरहाउस के मासिक और त्रैमासिक निरीक्षण के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के ईवीएम मैनुअल में निर्धारित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाए। वेयरहाउस में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग का 30 दिन का बैकअप अनिवार्य रूप से उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग यानी एफएलसी की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में वेयरहाउस में यदि दीमक, सीपेज या किसी अन्य प्रकार की समस्या पाई जाती है तो उसे एफएलसी की अवधि के दौरान ही ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं।

ईवीएम वेयरहाउस में सुरक्षा व्यवस्था को निर्धारित मैनुअल के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। संबंधित क्षेत्र के थानाध्यक्ष और पुलिस उपाधीक्षक द्वारा समय-समय पर वेयरहाउस में सुरक्षा बल की उपस्थिति तथा सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करने को कहा गया है। इस व्यवस्था के तहत ईवीएम वेयरहाउस के रखरखाव, कैमरा रिकॉर्डिंग के बैकअप और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित निर्धारित प्रावधानों के अनुपालन पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के मद्देनजर तैयारियां निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और निर्धारित समय-सीमा के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में सेक्टर स्तर की नियुक्तियों से लेकर मतदान केंद्रों की सुविधाओं, वल्नरेबिलिटी मैपिंग, क्रिटिकल मतदेय स्थलों की पहचान, नेटवर्क कनेक्टिविटी और ईवीएम वेयरहाउस की सुरक्षा तक अलग-अलग व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया।

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