अम्बेडकरनगर के गौरा बसंतपुर स्थित विदुषी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट में शिक्षक दिवस के अवसर पर GNM और Pharmacy के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य, भाषण और अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। विद्यार्थियों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों के दौरान शिक्षक भावुक नजर आए।
समारोह में छात्र-छात्राओं के बीच उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान संस्थान का वातावरण गुरु-शिष्य संबंध, सम्मान और आत्मीयता से जुड़ी गतिविधियों से भरा रहा। विद्यार्थियों ने शिक्षक के महत्व और अपने जीवन में शिक्षकों की भूमिका को भी रेखांकित किया। शिक्षक दिवस समारोह के दौरान GNM और Pharmacy के विद्यार्थियों ने अलग-अलग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। गीत और नृत्य के साथ विद्यार्थियों ने भाषण भी प्रस्तुत किए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने शिक्षकों के प्रति अपने सम्मान और आभार को व्यक्त किया।
विद्यार्थियों ने कहा कि शिक्षक केवल विषय से संबंधित ज्ञान देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि जीवन में सही दिशा चुनने, अनुशासन सीखने और निर्धारित लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित करते हैं। उनके अनुसार शिक्षा के साथ शिक्षकों से मिलने वाला मार्गदर्शन भी विद्यार्थियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी के दौरान संस्थान में उत्साह का माहौल रहा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में विद्यार्थियों ने शिक्षकों के योगदान और गुरु-शिष्य संबंध को अपने कार्यक्रमों के माध्यम से सामने रखा।
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शिक्षक दिवस समारोह में संस्थान के चेयरमैन डॉ. विजयकांत दुबे, वाइस चेयरमैन अनुपम दुबे, ग्रुप डायरेक्टर विवेकानंद तिवारी, Pharmacy विभागाध्यक्ष डॉ. शिव प्रकाश पाण्डेय, नर्सिंग प्रिंसिपल गरिमा, बीएड विभागाध्यक्ष नंद किशोर तिवारी, डीएलएड विभागाध्यक्ष अहमद अब्बास, रिचा तिवारी और दीपक दुबे समेत शिक्षकगण और संस्थान के अन्य सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के पदाधिकारियों ने शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। समारोह में शिक्षकों की भूमिका और विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास में उनके योगदान पर बात की गई।
समारोह में संस्थान के चेयरमैन डॉ. विजयकांत दुबे ने शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “शिक्षक वह दीपक हैं, जो स्वयं जलकर विद्यार्थियों के भविष्य को रोशन करते हैं।” डॉ. दुबे ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की पहचान केवल उसकी इमारत या उपलब्ध सुविधाओं से नहीं होती, बल्कि वहां काम करने वाले शिक्षकों की गुणवत्ता, समर्पण और संस्कार भी महत्वपूर्ण होते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षकों से प्राप्त ज्ञान और संस्कारों को अपने जीवन में अपनाने की बात कही। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से अपने कार्यों के माध्यम से संस्थान और माता-पिता का नाम रोशन करने का आह्वान किया। चेयरमैन ने कहा कि वर्तमान विद्यार्थी भविष्य में समाज, चिकित्सा, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में जिम्मेदारियां संभालेंगे। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन भी महत्वपूर्ण हैं।
वाइस चेयरमैन अनुपम दुबे ने कहा, “विद्यार्थियों की सफलता ही शिक्षक के समर्पण का सबसे बड़ा सम्मान है।” उन्होंने कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी का रिश्ता केवल पढ़ाने और पढ़ने तक सीमित नहीं है। यह विश्वास, मार्गदर्शन और संस्कारों से जुड़ा संबंध है। उन्होंने संस्थान के उद्देश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को केवल डिग्री या प्रमाण-पत्र देना ही लक्ष्य नहीं है। इसके साथ उन्हें ज्ञान, संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों से युक्त व्यक्तित्व के रूप में तैयार करना भी संस्थान के उद्देश्य में शामिल है।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में शिक्षकों के प्रति सम्मान और उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता का भाव दिखाई दिया। विद्यार्थियों ने शिक्षक की भूमिका को शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ मार्गदर्शन और जीवन में सही दिशा देने से भी जोड़ा। सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम में संस्थान के विभिन्न विभागों से जुड़े शिक्षक और अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
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