राम मंदिर चढ़ावा मामले में सात दिन बाद आई पहली रिपोर्ट, अब किस पर टिकेंगी निगाहें?

तीन सदस्यीय एसआईटी ने प्रारंभिक रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव को सौंपी, अंतिम रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर दी जानी है।

 

राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर पिछले कुछ दिनों से उठ रहे सवालों के बीच जांच प्रक्रिया ने एक नया चरण पार कर लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। हालांकि रिपोर्ट की सामग्री अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन इसके बाद पूरे मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

 

चढ़ावा प्रकरण सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की टीम बनाकर जांच के निर्देश दिए थे। टीम को एक सप्ताह के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के भीतर अंतिम रिपोर्ट सौंपने को कहा गया था। इसी क्रम में एसआईटी ने अपनी पहली रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंप दी है।

 

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एसआईटी सदस्य विजय विश्वास पंत ने बताया कि यह प्रारंभिक प्रतिवेदन है और जांच गोपनीय होने के कारण फिलहाल इसकी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि टीम ने अपनी जांच के दौरान जो निष्कर्ष प्राप्त किए, उन्हें शासन के समक्ष उपलब्ध करा दिया गया है।

 

मामले से जुड़े कई पहलू जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। इनमें चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों की भूमिका, कुछ ट्रस्ट से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी और एसबीआई कर्मचारियों की कार्यप्रणाली भी शामिल है। हालांकि शुरुआती रिपोर्ट में किन लोगों को जिम्मेदार माना गया है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

 

इस पूरे मामले में कुछ सीसीटीवी फुटेज भी चर्चा में रहे। दावों के अनुसार, फुटेज में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित अनियमितताओं से जुड़े दृश्य सामने आए थे। यह भी कहा गया कि कुछ कर्मचारियों द्वारा धन बाहर ले जाने के लिए बाथरूम के रास्ते का इस्तेमाल किया गया। हालांकि इन दावों की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष एसआईटी की विस्तृत रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

 

प्रारंभिक स्तर पर यह भी सामने आया कि चढ़ावे की गिनती के लिए तय प्रोटोकॉल के पालन को लेकर कई सवाल उठे हैं। जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों के निर्धारित ड्रेस कोड और बाहर निकलते समय जांच व्यवस्था के पालन को लेकर भी जांच एजेंसियां विभिन्न बिंदुओं की पड़ताल कर रही हैं।

 

प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद अब निगाहें अंतिम रिपोर्ट पर टिक गई हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार एसआईटी को 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। इसके बाद आगे की कार्रवाई और जिम्मेदारियों को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट होने की संभावना है।

 

 


 

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