कभी माफिया और अराजकता की छवि के लिए चर्चा में रहने वाला आजमगढ़ अब विकास परियोजनाओं और आर्थिक गतिविधियों के कारण नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले में करीब एक हजार करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
पिछले एक दशक में आजमगढ़ को लेकर अपराध और माफिया से जुड़े आरोपों की चर्चा होती रही। राज्य सरकार का कहना है कि सख्त कार्रवाई और विकास योजनाओं के माध्यम से जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में भी बदलाव लाने का प्रयास किया गया है।
निजामाबाद की प्रसिद्ध ब्लैक पॉटरी कला को एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना से नई पहचान मिली है। पहले इस काम से जुड़े कई परिवार रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों की ओर पलायन करते थे, लेकिन अब उनके उत्पादों की मांग देश के साथ-साथ विदेशों तक पहुंच रही है। हस्तशिल्पी सोहित कुमार प्रजापति ने कहा, "अब हमारे बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल रही है और भविष्य सुरक्षित है।"
जिले को महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय, सैनिक स्कूल, संगीत महाविद्यालय, एयरपोर्ट और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं मिली हैं। इनसे क्षेत्र की कनेक्टिविटी में सुधार होने के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
लखपति दीदी योजना के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत युवाओं को ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे स्वरोजगार और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास तभी सार्थक माना जाएगा जब उसका लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ में जनप्रतिनिधियों की राजनीतिक स्थिति से अलग विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई है।
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