>उत्तर प्रदेश में इस समय आई बाढ़ ने कई जिलों को प्रभावित किया है, लेकिन राज्य सरकार के मंत्री इन संकट के क्षणों में राहत और भरोसा लेकर ज़मीन पर उतर चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों पर मंत्रीगण न सिर्फ राहत सामग्री वितरित कर रहे हैं, बल्कि प्रभावितों के बीच पहुंचकर यह संदेश भी दे रहे हैं कि "हर परिस्थिति में आपके साथ खड़ी है योगी सरकार।"
>प्रयागराज व कौशांबी जिलों में बाढ़ से उपजे हालात का जायज़ा लेने पहुंचे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राहत शिविरों का निरीक्षण कर पीड़ितों से संवाद किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भोजन, पेयजल, चिकित्सा और जलनिकासी जैसी प्राथमिक आवश्यकताओं की पूर्ति में कोई ढिलाई न हो।
>ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने भदोही के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर ज़मीनी हालात का मूल्यांकन किया। उन्होंने आपदा में जान गंवाने वाले पांच मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये के चेक सौंपे। साथ ही, 100 से अधिक परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। मंत्री ने कहा, "आपदा में सरकार आपके साथ मज़बूती से खड़ी है।"
>वाराणसी के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना व विधायक नीलकंठ तिवारी ने रविंद्रपुरी और नगवां के राहत शिविरों का निरीक्षण कर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने आश्वस्त किया कि हर ज़रूरतमंद तक समय रहते सहायता पहुंचेगी। बच्चों को चॉकलेट और बिस्किट देकर माहौल को सहज बनाने की भी कोशिश की गई।
>कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने मीरजापुर में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों संग समीक्षा बैठक कर राहत कार्यों की प्रगति का जायज़ा लिया। चुनार क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्रभावित मानते हुए उन्होंने वहां विशेष सतर्कता और SDRF की मदद से राहत कार्य तेज़ करने के निर्देश दिए।
>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इस बार सिर्फ कागज़ों में नहीं, जमीन पर उतरकर राहत पहुंचा रही है। जिस तरह से मंत्रीगण विभिन्न ज़िलों में जाकर खुद हालात का निरीक्षण कर रहे हैं, वह दर्शाता है कि शासन का मक़सद सिर्फ बयानबाज़ी नहीं बल्कि जमीनी समाधान और मानवीय संवेदना है।
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