>बरेली हिंसा के बाद स्थिति का जायज़ा लेने जा रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं को पुलिस ने रोक दिया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे को लखनऊ में ही हाउस अरेस्ट कर दिया गया, वहीं सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क को संभल में उनके घर पर नजरबंद कर दिया गया। दोनों नेताओं के घरों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है।
>शनिवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा गठित 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बरेली जाना था, लेकिन प्रशासन ने उन्हें पहले ही रोक दिया। दिल्ली से रवाना हुए सपा सांसद इकरा हसन, मोहिबुल्लाह नदवी और हरेंद्र मलिक को मेरठ टोल प्लाजा पर ही पुलिस ने रोक लिया।
>माता प्रसाद पांडे ने कहा कि सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए विपक्ष को बरेली जाने से रोक रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि “हमारे जाने से माहौल खराब नहीं होता, बल्कि पुलिस और प्रशासन की गलत कार्रवाई से ही स्थिति बिगड़ी है।”
>सपा विधायक अताउर्रहमान ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें पीड़ितों से मिलने से रोका जा रहा है और कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई है।
>गौरतलब है कि 26 सितंबर को बरेली में जुमे की नमाज़ के बाद 'आई लव मोहम्मद' के नारे को लेकर विवाद भड़क गया था। पुलिस और भीड़ के बीच झड़प के बाद हालात बिगड़ गए। इस मामले में अब तक 82 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और मौलाना तौकीर रज़ा सहित कई नाम सामने आए हैं।
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