>गोरखपुर, 22 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय (एमजीयूजी) में आयोजित ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश विजन-2047’ कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति की पूरी तस्वीर साझा की। सीएम ने कहा कि 2017 तक उत्तर प्रदेश की जीडीपी 12 लाख 36 हजार करोड़ रुपये थी, जो इस वर्ष के अंत तक 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने की संभावना है। नौ सालों में तीन गुना वृद्धि और प्रति व्यक्ति आय में 45,000 रुपये से बढ़कर 1,20,000 रुपये तक की बढ़ोतरी प्रदेश की तेजी से बदलती आर्थिक स्थिति को दर्शाती है।
>सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप उत्तर प्रदेश भी ‘विकसित उत्तर प्रदेश विजन-2047’ पर कार्य कर रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे मोबाइल पर QR कोड स्कैन कर अपने सुझाव देकर प्रदेश के विकास में योगदान दें।
>मुख्यमंत्री ने प्रदेश की ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ODOP) योजना को प्रदेश की अर्थव्यवस्था में गेम चेंजर बताया। इस योजना के तहत जिले के हस्तशिल्प और कारीगरों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। सीएम ने उदाहरण देते हुए कहा कि दीपावली के अवसर पर अयोध्या में दीपोत्सव हेतु अब बाहर से कोई वस्तु नहीं मंगाई जाती। कुम्हारों को आधुनिक यंत्र दिए जाने के बाद अब पूरे प्रदेश में 25 लाख दीप स्थानीय रूप से तैयार किए जा रहे हैं।
>सीएम योगी ने गर्व के साथ कहा, “आज चीन का सामान बाजार से गायब हो गया है। अब हमारे हस्तशिल्पियों को तकनीक के साथ बाजार भी प्राप्त हो गया है।” उन्होंने कहा कि ODOP योजना और राज्य की पारदर्शी आर्थिक नीतियों ने उत्तर प्रदेश को रोजगार, निर्यात और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत किया है।
>सीएम ने यह भी जोर दिया कि स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ ‘अमृत महोत्सव’ के अवसर पर पंच प्रणों के अनुरूप समाज में समता, विरासत का सम्मान, और नागरिक कर्तव्यों का पालन हर नागरिक का कर्तव्य होना चाहिए।
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