यूपी के 1682 मेधावियों का सम्मान, सीएम योगी ने दिए चेक और टैबलेट

UP News: लोकभवन में राज्य स्तरीय समारोह, यूपी बोर्ड, CBSE, ICSE और संस्कृत शिक्षा परिषद के छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित
Bureau 01 Jun 2026, 05:09 PM 1 min read
यूपी के 1682 मेधावियों का सम्मान, सीएम योगी ने दिए चेक और टैबलेट

 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में यूपी बोर्ड, CBSE, ISC-ICSE तथा उत्तर प्रदेश संस्कृत शिक्षा परिषद के विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उन्हें पुरस्कार राशि, टैबलेट और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

 

राज्य स्तर पर चयनित 223 मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री ने एक-एक लाख रुपये का चेक, टैबलेट और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। वहीं प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से 1459 जिला स्तरीय मेधावियों को 21-21 हजार रुपये, मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों को देश का भविष्य बताते हुए उनकी सफलता पर अभिभावकों और शिक्षकों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में परिवार और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

 

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से कहा कि दो से तीन वर्ष की आयु के बच्चों को मोबाइल फोन देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों और ज्ञानवर्धक कार्यों से जोड़ने की आवश्यकता है ताकि उनका समग्र विकास हो सके। उन्होंने विद्यार्थियों को भी सलाह दी कि वे स्मार्टफोन के लिए अनावश्यक दबाव न बनाएं और डिजिटल लाइब्रेरी, पाठ्यक्रम अध्ययन तथा समाचार-पत्र पढ़ने की आदत विकसित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर सीमित समय व्यतीत करना चाहिए और तथ्यात्मक जानकारी के लिए समाचार-पत्रों एवं समाचार चैनलों का सहारा लेना चाहिए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा या साक्षात्कार में सोशल मीडिया फॉलोअर्स की संख्या नहीं पूछी जाती, बल्कि ज्ञान, व्यक्तित्व और तैयारी का मूल्यांकन किया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से ग्रीष्मावकाश का सदुपयोग करने, स्वास्थ्य पर ध्यान देने, नियमित दिनचर्या अपनाने और अपने साथियों को भी प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेल, कला और अन्य क्षेत्रों में भी परिश्रम और अनुशासन के माध्यम से सफलता प्राप्त की जा सकती है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में लगभग 56 लाख विद्यार्थी शामिल होते हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में नकल-विहीन परीक्षा प्रणाली स्थापित की गई है, जिसके चलते परीक्षाएं निर्धारित समय में संपन्न हो रही हैं और परिणाम भी समयबद्ध तरीके से घोषित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले परीक्षा व्यवस्था को लेकर कई प्रकार की शिकायतें सामने आती थीं, जबकि अब पारदर्शिता और शुचिता के साथ परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस वर्ष भी मेरिट सूची में छात्राओं की संख्या अधिक रही है। उन्होंने कहा कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों स्तरों पर छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन ने शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का संकेत दिया है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने संस्कृत के प्रसिद्ध वाक्य “सा विद्या या विमुक्तये” का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्ची शिक्षा वही है जो व्यक्ति को चुनौतियों का सामना करने और समाज तथा राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व निभाने के लिए प्रेरित करे।

 

माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा कि किशोरावस्था के विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों को मित्रवत व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों के आचरण, व्यवहार और व्यक्तित्व को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी बोर्ड परीक्षाएं नकल-विहीन और शुचितापूर्ण वातावरण में संपन्न हुई हैं। राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले दस मेधावियों को एक-एक लाख रुपये, टैबलेट और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए, जबकि जिला स्तर पर टॉप करने वाले विद्यार्थियों को 21-21 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।

 

मंत्री ने बताया कि सीतापुर के बाबूराम सावित्री देवी इंटर कॉलेज की छात्राओं ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। समारोह में मेधावी विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी, अपर मुख्य सचिव शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा तथा लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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