>गोरखपुर, 28 जून - जनता की समस्याओं को सिर्फ सुनना नहीं, बल्कि उनका त्वरित और प्रभावी समाधान करना ही सुशासन की असली पहचान है और यह बात उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में एक बार फिर सिद्ध कर दी। शनिवार की सुबह जब एक महिला बीमार बिटिया को गोद में लेकर मदद की गुहार लेकर आई, तो मुख्यमंत्री न सिर्फ स्वयं उसके पास पहुंचे, बल्कि बच्ची को अपनी गोद में लेकर इलाज और आवास की संपूर्ण व्यवस्था कराने का वचन भी दिया। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए मानवीयता और नेतृत्व की मिसाल बन गया।
>इस जनता दर्शन में सीएम योगी ने करीब 200 फरियादियों से सीधे मुलाकात की और उनकी समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनीं। हर एक प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेते हुए, उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि समस्याओं का समाधान निष्पक्ष, समयबद्ध और सन्तुष्टिपरक होना चाहिए।
>सीएम योगी ने विशेष रूप से कहा कि कोई भी जरूरतमंद बिना इलाज के न रहे और जिनके पास रहने को छत नहीं है, उन्हें आवासीय योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। उन्होंने अफसरों से कहा कि बीमार व्यक्तियों के इलाज के लिए आवश्यक इस्टीमेट तत्काल तैयार कराकर सरकार को भेजा जाए ताकि आर्थिक सहायता में कोई देरी न हो।
>जनता दर्शन में कुछ लोग अपराध और ज़मीन पर अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायतें लेकर आए। मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि अपराधी या भू-माफिया किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे।
>इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट देकर न सिर्फ दुलारा बल्कि उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित भी किया। यह दृश्य आम जनता और बच्चों दोनों के लिए एक प्रेरणादायी पल था।
>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह जनता दर्शन केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जन सेवा, संवेदना और समाधान का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।
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