मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने फरियादियों से प्रार्थना पत्र प्राप्त किए और संबंधित अधिकारियों को मामलों के त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण के निर्देश दिए। जनता दर्शन में राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़े कई मामले मुख्यमंत्री के समक्ष पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान निर्धारित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने राजस्व मामलों की सुनवाई के दौरान लंबित वादों पर विशेष चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छह माह से अधिक समय से लंबित मामलों की समीक्षा की जाए और देरी के कारणों का परीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले के निस्तारण में उचित कारण के बिना विलंब पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही लंबित राजस्व वादों का समयबद्ध निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति की समस्या का समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए बिना किसी भेदभाव के लोगों को न्याय उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए और जरूरतमंद लोगों के उपचार एवं अन्य आवश्यक सहायता की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों के चेहरे पर खुशहाली लाना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ बच्चों से उनकी पढ़ाई और स्कूल के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षित बच्चा ही सशक्त भारत की नींव होता है। इसी दौरान हापुड़ से आई एक छात्रा ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति और पढ़ाई में आ रही कठिनाइयों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने छात्रा से उसकी कक्षा के बारे में जानकारी ली, जिस पर उसने कक्षा सात में अध्ययनरत होने की बात बताई।
छात्रा की समस्याएं सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने उसे पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि बच्चों की शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जानी चाहिए और उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजा जाए मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि संबंधित अधिकारी परिवार से संपर्क करेंगे और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करेंगे।
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