उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने जापान दौरे के दौरान गुरुवार को यामानाशी प्रांत स्थित अत्याधुनिक हाइड्रोजन ऊर्जा संयंत्र का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन की उन्नत तकनीकों का अवलोकन किया और ग्रीन हाइड्रोजन को भविष्य की ऊर्जा व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने संयंत्र में संचालित ‘पावर-टू-गैस’ प्रणाली को करीब से देखा। यह तकनीक सौर और पवन जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से उत्पन्न बिजली को हाइड्रोजन में परिवर्तित करती है। उत्पादित हाइड्रोजन का उपयोग ईंधन, ऊर्जा भंडारण और स्वच्छ परिवहन के लिए किया जाता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिलती है।
मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञों से संयंत्र की कार्यप्रणाली, ऊर्जा रूपांतरण की प्रक्रिया और इसके व्यावसायिक उपयोग पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन स्वच्छ ऊर्जा और हरित विकास की दिशा में एक प्रभावी मॉडल प्रस्तुत करता है।
राज्य सरकार के अनुसार उत्तर प्रदेश में भी ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा और अन्य स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को प्रोत्साहित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। औद्योगिक निवेश, अनुसंधान और नई तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि राज्य ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सके। मुख्यमंत्री का यह दौरा जापान के साथ तकनीकी सहयोग को मजबूत करने और उत्तर प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा व ग्रीन मोबिलिटी परियोजनाओं को गति देने के प्रयासों से जुड़ा बताया गया है।
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