मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक के विमोचन अवसर पर उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और निवेश माहौल को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास मॉडल के रूप में उभरा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है और सात शहरों लखनऊ, कानपुर, आगरा, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ में मेट्रो सेवाएं संचालित हो रही हैं। मेरठ-दिल्ली के बीच देश की पहली रैपिड रेल शुरू हो चुकी है, जबकि वाराणसी में रोपवे परियोजना पर कार्य जारी है।
एयर कनेक्टिविटी का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें चार अंतरराष्ट्रीय हैं। जेवर में तैयार पांचवां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट देश का सबसे बड़ा होगा और इसके लोकार्पण के लिए 28 मार्च को प्रधानमंत्री से अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार इस परियोजना से प्रदेश को लगभग एक लाख करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य इसी महीने पूरा हो रहा है, जिसके बाद देश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क में यूपी की हिस्सेदारी बढ़ेगी। प्रदेश में फोरलेन और टू-लेन कनेक्टिविटी के माध्यम से जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर तक सड़क नेटवर्क सुदृढ़ किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान, सिंगापुर और जर्मनी के निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए रुचि दिखा रहे हैं। उनके अनुसार राज्य में अब तक 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है, जबकि छह लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्रक्रिया में हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में औद्योगिक विकास, निवेश नीतियों और रोजगार सृजन से जुड़े आंकड़े भी साझा किए।
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