देहरादून में NEET छात्रा की मौत के बाद बढ़ी राजनीतिक बहस, राहुल गांधी ने परीक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

23 वर्षीय रिया कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद कांग्रेस ने NEET पेपर लीक और री-एग्जाम को लेकर केंद्र सरकार को घेरा

 

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 23 वर्षीय NEET अभ्यर्थी रिया कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद यह मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस घटना का जिक्र करते हुए परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। हालांकि पुलिस ने अब तक अपनी जांच में छात्रा की मौत को सीधे NEET परीक्षा या उसके पुनः आयोजन से जोड़ने की पुष्टि नहीं की है।

 

पुलिस के अनुसार, देहरादून की चंद्रमणि कॉलोनी में रहने वाली रिया कुमारी लंबे समय से NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। मंगलवार सुबह जब उनकी मां उन्हें नाश्ते के लिए बुलाने पहुंचीं तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। बाद में पिता ने दरवाजा खोला तो रिया अचेत अवस्था में मिलीं। सूचना मिलने पर कोतवाली पटेल नगर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल से एक नोट भी बरामद हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है।

 

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बरामद नोट में छात्रा ने परिवार के किसी सदस्य को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। पुलिस हस्तलिपि की जांच करा रही है और मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

 

परिजनों के अनुसार, रिया बचपन से ही मेधावी छात्रा थीं। उन्होंने क्लेमनटाउन स्थित राजा राम मोहन राय एकेडमी से 12वीं कक्षा में 96.7 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। पढ़ाई के साथ-साथ वह बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाती थीं। स्थानीय सामाजिक संस्थाओं द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका था। 12वीं के बाद उन्होंने मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने के उद्देश्य से NEET परीक्षा की तैयारी शुरू की थी।

 

स्थानीय लोगों और परिवार के परिचितों के अनुसार, इस वर्ष आयोजित NEET-UG परीक्षा के बाद रिया को अपने चयन की उम्मीद थी। बाद में परीक्षा से जुड़े विवाद और पुनः परीक्षा की घोषणा के बाद वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थीं। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक की जांच में ऐसा कोई पुष्ट तथ्य सामने नहीं आया है, जिससे छात्रा की मौत को सीधे NEET परीक्षा या उसके पुनः आयोजन से जोड़ा जा सके। मामले की जांच जारी है।

 

इस घटना के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक और कथित कुप्रबंधन का असर छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है। कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी इस घटना का उल्लेख करते हुए री-NEET को लेकर बने दबाव का जिक्र किया गया।

 

रिया कुमारी के पिता राजेश मल्ल थापा भारतीय सेना की 4/3 गोरखा राइफल्स में हवलदार रह चुके हैं। कारगिल युद्ध के दौरान उनकी बटालियन ने महत्वपूर्ण मोर्चों पर तैनाती निभाई थी। वर्ष 2012 में सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वह परिवार के साथ देहरादून में रह रहे थे।


 

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