92 हजार से अधिक डॉक्टर आज करेंगे मतदान, आठ सीटों पर 38 उम्मीदवार मैदान में

दिल्ली मेडिकल काउंसिल चुनाव आज, पंजीकरण में देरी से लेकर चिकित्सा लापरवाही मामलों के निस्तारण तक कई मुद्दे चर्चा में।
Bureau 31 May 2026, 02:20 PM 1 min read
92 हजार से अधिक डॉक्टर आज करेंगे मतदान, आठ सीटों पर 38 उम्मीदवार मैदान में

 

दिल्ली मेडिकल काउंसिल की आठ निर्वाचित सीटों के लिए रविवार को मतदान कराया जाएगा। राजधानी के शास्त्री पार्क स्थित डीएमसी मुख्यालय में सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। मतदान समाप्त होने के बाद शाम छह बजे से मतगणना शुरू की जाएगी और परिणाम देर रात तक घोषित किए जाने की संभावना है।

 

दिल्ली मेडिकल काउंसिल के चुनाव को लेकर चिकित्सा समुदाय में पिछले कई दिनों से गतिविधियां तेज रही हैं। इस बार आठ सीटों के लिए कुल 38 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। डीएमसी के अनुसार परिषद में पंजीकृत और सदस्यता का नवीनीकरण करा चुके 92 हजार से अधिक डॉक्टर मतदान के पात्र हैं। यही मतदाता आठ निर्वाचित सदस्यों का चयन करेंगे।

 

चुनाव में विभिन्न पैनलों के बीच मुकाबला देखने को मिल रहा है। चिकित्सा समुदाय में चर्चा है कि एक पैनल को भाजपा समर्थक माना जा रहा है, जबकि दूसरे पैनल को कॉरपोरेट अस्पताल समूहों का समर्थन प्राप्त है। वहीं, एक अन्य पैनल स्वयं को चिकित्सकों द्वारा समर्थित गैर-राजनीतिक मंच के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।

 

चिकित्सकों का कहना है कि दिल्ली मेडिकल काउंसिल का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा पेशे की गुणवत्ता बनाए रखना, स्वास्थ्य संबंधी नीतियों पर सरकार को सहयोग देना और डॉक्टरों के हितों की रक्षा करना है। चिकित्सा समुदाय के कुछ सदस्यों का मानना है कि पूर्व में परिषद अपने मूल उद्देश्यों से भटक गई थी, जिसके चलते उस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे और उसे भंग करना पड़ा था। ऐसे में इस चुनाव को परिषद की कार्यप्रणाली और विश्वसनीयता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

इस बार चुनावी बहस में डॉक्टरों के पंजीकरण में होने वाली देरी प्रमुख मुद्दों में शामिल है। कई युवा चिकित्सकों का कहना है कि डीएमसी में पंजीकरण के लिए उन्हें कई सप्ताह तक प्रक्रिया पूरी करने में समय लगाना पड़ता है। इसके अलावा चिकित्सा लापरवाही से जुड़े मामलों के निस्तारण में देरी, डॉक्टरों के खिलाफ शिकायतों पर कार्रवाई की प्रक्रिया और स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण एवं क्रियान्वयन में डीएमसी की भूमिका भी प्रमुख चुनावी मुद्दों के रूप में उभरी है।

 

दिल्ली मेडिकल काउंसिल में कुल 25 सदस्य होते हैं। इनमें आठ सदस्य सीधे चुनाव के माध्यम से चुने जाते हैं। इसके अतिरिक्त दिल्ली के मेडिकल कॉलेजों से प्रतिनिधि नामित किए जाते हैं, जबकि कुछ सदस्यों का नामांकन दिल्ली सरकार द्वारा किया जाता है। एक निर्वाचित सदस्य दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन की ओर से परिषद में भेजा जाता है। यही 25 सदस्य बाद में परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और रजिस्ट्रार का चुनाव करते हैं।

 

डीएमसी का प्रमुख दायित्व डॉक्टरों का पंजीकरण करना, चिकित्सा लापरवाही से संबंधित शिकायतों की जांच करना तथा सरकार को स्वास्थ्य संबंधी नीतियों और उनके क्रियान्वयन में सहयोग देना है। राजधानी में बड़ी संख्या में चिकित्सकों और प्रमुख अस्पतालों की मौजूदगी के कारण दिल्ली मेडिकल काउंसिल की भूमिका देश की अन्य राज्य स्तरीय मेडिकल काउंसिलों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें