राजधानी दिल्ली में नकली टायर ट्यूब बेचकर लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े गिरोह का अपराध शाखा ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में नकली एमआरएफ और सीएट ब्रांड के ट्यूब, फर्जी पैकिंग सामग्री, साधारण रबर ट्यूब और स्टैंपिंग मशीन बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से एस.पी. मुखर्जी मार्ग स्थित नोवेल्टी और फ्रेंड्स टायर मार्केट इलाके में सक्रिय था। आरोपी साधारण रबर ट्यूब पर हाथ से एमआरएफ और सीएट जैसी नामी कंपनियों की नकली मोहर लगाकर उन्हें असली उत्पाद के रूप में बाजार में बेचते थे। इसके लिए फर्जी पैकेट और नकली ब्रांडिंग सामग्री का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस का कहना है कि इस तरह के नकली उत्पाद न केवल ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी थे, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहे थे।
अपराध शाखा को गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में बड़े पैमाने पर नकली ऑटोमोबाइल ट्यूब तैयार कर बाजार में सप्लाई किए जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने 16 और 17 मई की रात कई दुकानों और गोदामों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 1450 नकली एमआरएफ ट्यूब, 1072 नकली पैकिंग पाउच, 100 साधारण रबर ट्यूब और एक स्टैंपिंग मशीन बरामद की।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी गगनदीप सिंह उर्फ गगन कालरा अपने सहयोगी मोहम्मद जाकिर के साथ मिलकर नकली ट्यूब तैयार करता था। इसके बाद इन ट्यूबों को आसपास के दुकानदारों तक पहुंचाया जाता था, जहां उन्हें असली ब्रांड का बताकर ग्राहकों को बेचा जाता था। पुलिस के मुताबिक अधिकांश लेन-देन नकद में किए जाते थे ताकि कारोबार का रिकॉर्ड सामने न आ सके।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद जाकिर, दीपक गुप्ता, मनमीत सिंह, दिनेश गुप्ता, विनायक गुप्ता और गगनदीप सिंह के रूप में हुई है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सप्लायर, गोदाम संचालकों और कारोबार में शामिल लोगों की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि नकली उत्पादों की सप्लाई दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों में भी की जा रही थी या नहीं।
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