इमेज सोर्स (एआई)
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में करीब एक दशक से नए राशन कार्ड बनने का इंतजार अब समाप्त होने जा रहा है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने नए लाभार्थियों को पीडीएस से जोड़ने के लिए एसओपी जारी कर दी है। इसके तहत दिल्ली में कुल 7,88,080 नए लाभार्थियों को राशन व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार हाल ही में बड़े स्तर पर सत्यापन और छंटनी अभियान चलाया गया था। इस दौरान ऐसे कार्डधारकों के नाम सूची से हटाए गए जो या तो लंबे समय से सक्रिय नहीं थे या निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा नहीं कर रहे थे। इस प्रक्रिया के बाद लगभग 8.99 लाख स्थान खाली हुए थे।
हालांकि विभाग ने फिलहाल 7.88 लाख स्थानों पर ही नए लाभार्थियों को शामिल करने का निर्णय लिया है। शेष सीटों को उन लोगों के लिए आरक्षित रखा गया है जिन्होंने राशन कार्ड निरस्तीकरण के खिलाफ विभाग में अपील दायर की हुई है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम/एनएफएसए के प्रावधानों के अनुसार दिल्ली में कुल लाभार्थियों की संख्या लगभग 72 लाख निर्धारित है। इसी लक्ष्य को बनाए रखने और पात्र लोगों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ उपलब्ध कराने के लिए नए लाभार्थियों को जोड़ा जा रहा है।
जिलावार आवंटन के आंकड़ों के अनुसार नए लाभार्थियों के लिए सबसे अधिक कोटा पश्चिमी दिल्ली को मिला है। यहां 1,84,675 नए लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद पूर्वी दिल्ली में 1,48,752 और सेंट्रल नार्थ जिले में 1,28,208 नए लाभार्थियों को जगह मिलेगी। अन्य जिलों में सेंट्रल जिले को 57,013, दक्षिण-पश्चिम जिले को 54,732, दक्षिण-पूर्वी जिले को 44,494, नई दिल्ली जिले को 23,363 तथा उत्तरी जिले को 20,585 नए लाभार्थियों का आवंटन किया गया है।
विभाग की सूची के अनुसार उत्तर-पूर्वी, उत्तर-पश्चिमी, आउटर पूर्वी और पुरानी दिल्ली जिलों में निर्धारित लाभार्थी संख्या पहले ही पूरी हो चुकी है। ऐसे में इन जिलों में फिलहाल नए राशन कार्ड जारी नहीं किए जाएंगे। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने करीब 1.11 लाख लाभार्थियों का कोटा आरक्षित रखा है। यह व्यवस्था उन लोगों के लिए की गई है जिनके राशन कार्ड हालिया सत्यापन के दौरान निरस्त किए गए थे और जिन्होंने विभाग में पुनर्विचार या बहाली के लिए अपील की है। विभाग के अनुसार यदि अपीलकर्ताओं के दावे खारिज हो जाते हैं तो आरक्षित सीटों को भी भविष्य में नए पात्र आवेदकों के बीच आवंटित किया जा सकता है।
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