दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने चोरी के एक मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को घटना के चार घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद महज 10 दिनों में अदालत से सजा भी सुनिश्चित कराई गई। द्वारका कोर्ट ने मामले के त्वरित निस्तारण की सराहना करते हुए कहा कि इससे न्याय व्यवस्था में आम लोगों का विश्वास मजबूत होता है।
पुलिस के मुताबिक, मामला पालम विलेज थाना क्षेत्र का है। 16 मई 2026 को दादा देव रोड स्थित राजनगर पार्ट-2 के एक मकान में चोरी की घटना हुई थी। शिकायतकर्ता के घर से करीब 80 हजार रुपये नकद, चांदी रंग की चेन, एक छोटा पर्स और जरूरी दस्तावेज चोरी कर लिए गए थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल जांच शुरू की। स्थानीय सूचना और घटनास्थल के आसपास जुटाई गई जानकारी के आधार पर फहीम नामक युवक पर शक हुआ। पुलिस को जानकारी मिली थी कि आरोपी को वारदात के समय शिकायतकर्ता के घर से निकलते हुए देखा गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी फहीम, निवासी राजनगर पार्ट-2, पालम विलेज, को घटना के करीब चार घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर चोरी की नकदी, चेन, पर्स और आधार कार्ड बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने शराब और नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। मामले की सुनवाई द्वारका कोर्ट में हुई। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सौरभ गोयल ने 26 मई 2026 को आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामले का तेजी से निष्पादन सराहनीय है और इससे न्याय प्रणाली में समाज का भरोसा बढ़ता है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच पीएसआई निशांत कुमार और हेड कांस्टेबल राजेश की टीम ने की। टीम का नेतृत्व एसीपी/एसएचओ पालम विलेज अनंत धनराज सिंह कर रहे थे, जबकि निगरानी एसीपी दिल्ली कैंट अनिल कुमार द्वारा की गई। पुलिस ने बताया कि समय पर चार्जशीट दाखिल करने, मजबूत साक्ष्य जुटाने और अभियोजन शाखा के साथ बेहतर समन्वय के चलते मामले में तेजी से सजा सुनिश्चित हो सकी। अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी सुधांशु सैनी और विकास खरब ने अदालत में पैरवी की।
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