गाजीपुर के कटरिया गांव में नाबालिग लड़की की मौत के बाद राजनीतिक बयानबाजी अपने चरम पर है। राज्य सरकार द्वारा पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिए जाने के बाद समाजवादी पार्टी ने इसका श्रेय अपने आंदोलन को दिया है। सपा नेता और पूर्व मंत्री ओम प्रकाश सिंह ने दावा किया कि पार्टी के दबाव के चलते ही परिवार को मुआवजा मिला।
सपा नेता ने कहा कि यदि घटना में कोई गड़बड़ी नहीं थी, तो सरकार ने मुआवजा क्यों दिया। वहीं, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि घटना गंभीर थी, तो संबंधित थाना प्रभारी पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने करंडा थानाध्यक्ष को तत्काल लाइन हाजिर करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
इस मामले में 22 अप्रैल को सपा प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान पत्थरबाजी की घटना सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने 47 नामजद और लगभग 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस कार्रवाई के तहत करीब 17 लोगों को जेल भेजा गया है। सोमवार को ओम प्रकाश सिंह जेल में बंद आरोपियों से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर आरोपियों से मिलने गए थे।
सपा नेता ने आरोप लगाया कि करंडा थाना पुलिस ने निर्दोष लोगों पर कार्रवाई की है और कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जेल भेजे गए लोग अपराधी नहीं हैं और मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है और इसी वजह से सपा प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा था।
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