लखनऊ में सीएम योगी बोले - गीता की प्रेरणा से सशक्त होता भारत

Lucknow News: लखनऊ में आयोजित गीता प्रेरणा उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश में सेवा कार्यों के राजनीतिकरण और लोकतांत्रिक मूल्यों पर बढ़ते संकट को लेकर कड़ा संदेश दिया। कार्यक्रम में संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि कुछ लोग लोभ और दबाव के माध्यम से सेवा को सौदे का माध्यम बना रहे हैं और छल-छद्म का सहारा लेकर भारतीय लोकतंत्र की आत्मा को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में श्रीमद्भगवद्गीता समाज और राष्ट्र दोनों के लिए नई दिशा देने वाली शक्ति बन सकती है।
News Desk 23 Nov 2025, 04:29 PM 1 min read
लखनऊ में सीएम योगी बोले - गीता की प्रेरणा से सशक्त होता भारत


>लखनऊ में आयोजित गीता प्रेरणा उत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाज और राष्ट्र—दोनों के लिए महत्वपूर्ण संदेश दिए। अपने उद्बोधन में उन्होंने स्पष्ट कहा कि आज दुनिया में, और दुर्भाग्यवश भारत में भी, कुछ लोग सेवा को सौदे का माध्यम बनाने लगे हैं। लोभ, लालच और दबाव के जरिए लोकतंत्र की आत्मा पर प्रहार करने की कोशिशें हो रही हैं। ऐसे लोग छल और छद्म का सहारा लेकर भारतीय लोकतंत्र की संरचना को बदलने का प्रयास कर रहे हैं।


>मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह समय आत्मचिंतन का है और देशवासियों को इन प्रवृत्तियों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता ऐसे समय में नई ऊर्जा और सही दिशा देती है। गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का व्यवहारिक मार्गदर्शक है, जो हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।


>सीएम योगी ने विशेष रूप से पूज्य स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने “जियो गीता” के माध्यम से गीता के उपदेशों को अत्यंत सरल और जीवन से जुड़े उदाहरणों में प्रस्तुत किया है। उनकी पुस्तकों ने अलग-अलग वर्गों एक श्रमिक, किसान, महिला, छात्र, नौजवान, नौकरीपेशा व्यक्ति,  चिकित्सक, अधिवक्ता, व्यापारी, योद्धा और सैनिक... हर एक के लिए गीता की प्रेरणाओं को व्यवहारिक रूप से समझाया है। यह सरल शैली लोगों को जीवन की जटिलताओं में भी संतुलन, जिम्मेदारी और धर्म के मार्ग पर चलने की शक्ति देती है।


>मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गीता केवल अपराधियों को सुधरने के लिए नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के लिए एक दिव्य मंत्र है। यह सिर्फ आध्यात्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन में सफलता, कर्तव्य-निष्ठा और सही आचरण का मार्ग दिखाने वाली कालजयी शिक्षा है। उन्होंने आह्वान किया कि हर भारतीय को गीता के संदेश को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए, क्योंकि गीता जीवन जीने की एक उत्कृष्ट कला सिखाती है और कठिन परिस्थितियों में भी मनुष्य को धैर्य, विवेक और संकल्प की शक्ति प्रदान करती है।

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