>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में प्रेस वार्ता कर जीएसटी काउंसिल द्वारा टैक्स दरों में की गई कटौती को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों को मिला "दीपावली का तोहफा" बताया। सीएम योगी ने कहा कि 22 सितंबर से लागू होने वाले इस बड़े टैक्स सुधार से घर-गृहस्थी से लेकर खेती-किसानी और इलाज तक हर क्षेत्र में राहत मिलेगी।
>उन्होंने बताया कि 2017 से पहले टैक्स का ढांचा जटिल था, जहां कई प्रकार के सेस और टैक्स उपभोक्ताओं और व्यापारियों को परेशान करते थे। "वन नेशन, वन टैक्स" के रूप में शुरू हुए जीएसटी ने अब नए सुधार के साथ देश और प्रदेश के करोड़ों परिवारों को महंगाई से राहत देने का काम किया है।
>मुख्यमंत्री ने कहा कि अब केवल 5% और 18% जीएसटी दरें ही लागू रहेंगी, जिससे निर्माण कार्य से लेकर घरेलू खर्च तक सस्ते होंगे। दूध, दही, पनीर, साइकिल, नोटबुक, पेंसिल, साबुन, टूथपेस्ट, शैम्पू जैसे दैनिक उपयोग के सामान पर सिर्फ 5% या शून्य जीएसटी लगेगा। वहीं, किसानों को ट्रैक्टर, कीटनाशक, टायर और उपकरण सस्ते मिलेंगे।
>वाहनों की खरीद पर जीएसटी दरें 28% से घटकर 18% हो गई हैं, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों का वाहन खरीदना आसान होगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव किया गया है। दवाइयों, ऑक्सीजन, जांच किट पर जीएसटी घटाई गई है और स्वास्थ्य बीमा पर टैक्स पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है, जिससे इलाज का बोझ हल्का होगा।
>सीएम योगी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में देश का जीएसटी कलेक्शन 22.80 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है, जबकि 2017 से पहले यह सिर्फ 7 लाख करोड़ था। टैक्स दायरे में आने वाले लोगों की संख्या भी 65 लाख से बढ़कर 1.51 करोड़ हो गई है।
>उन्होंने कहा कि यूपी देश का सबसे बड़ा बाजार है और इस टैक्स सुधार से न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि 2 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त ग्रोथ की भी संभावना है। यह कदम महंगाई पर अंकुश लगाने और आम आदमी की जेब को राहत देने में ऐतिहासिक साबित होगा।
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