हरिद्वार में गंगा घाट पर पालतू कुत्ते को नहलाने से हुआ विवाद

सर्वानंद घाट पर श्रद्धालुओं और तीर्थ पुरोहितों ने जताई आपत्ति, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
Bureau 02 May 2026, 11:33 AM 1 min read
हरिद्वार में गंगा घाट पर पालतू कुत्ते को नहलाने से हुआ विवाद

धार्मिक नगरी हरिद्वार के सर्वानंद घाट पर गंगा नदी में पालतू कुत्ते को नहलाने को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और तीर्थ पुरोहितों के विरोध के बाद महिला और स्थानीय लोगों के बीच तीखी बहस हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

 

घटना हरिद्वार के सर्वानंद घाट की बताई जा रही है, जहां एक महिला अपने परिवार के साथ पहुंची थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला ने अपने पालतू कुत्ते को गंगा नदी में नहलाना शुरू कर दिया। इस दौरान घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और तीर्थ पुरोहितों ने इसका विरोध किया और धार्मिक आस्था का हवाला देते हुए ऐसा न करने की अपील की। विरोध के बावजूद महिला ने आपत्ति जताने वालों से बहस शुरू कर दी और कथित तौर पर उन पर नाराजगी जताते हुए तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया।

 

मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, बहस के दौरान महिला ने यह भी कहा कि यदि उसने सच्चे मन से भगवान की पूजा की है तो विरोध करने वालों को दंड मिलेगा। स्थिति को बढ़ता देख महिला के परिजनों ने उसे समझाने का प्रयास किया, जिसके बाद वह अपने पालतू कुत्ते के साथ वहां से चली गई। इस पूरी घटना को वहां मौजूद एक व्यक्ति ने अपने कैमरे में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कर दिया, जिसके बाद यह वीडियो व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है। हालांकि, घटना की सटीक तिथि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

 

इस मामले पर तीर्थ पुरोहितों ने आपत्ति जताई है। हरिद्वार के तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंडित ने कहा, “चूंकि गंगा साक्षात देवी मानी जाती हैं और यहां लोग अपनी आस्था के तहत धार्मिक अनुष्ठान करते हैं, ऐसे में इस प्रकार की गतिविधियां अनुचित हैं। विभिन्न धार्मिक कर्मों में गंगा जल का प्रयोग होता है, इसलिए इसकी पवित्रता बनाए रखना आवश्यक है। कुत्ते को नहलाना और विरोध के बावजूद बहस करना धार्मिक मर्यादाओं की अनदेखी को दर्शाता है।”

 

 

घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई उपयोगकर्ताओं ने गंगा की गरिमा बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए ऐसे मामलों पर रोक लगाने की मांग की है, जबकि कुछ लोगों ने व्यक्तिगत आचरण और सार्वजनिक स्थानों पर नियमों के पालन को लेकर सवाल उठाए हैं।

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