>उत्तर प्रदेश की योगी सरकार विकास कार्यों को गति देने के लिए जिस पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था पर ज़ोर दे रही है, उसके परिणाम अब साफ दिखाई देने लगे हैं। एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) की अगस्त माह की रिपोर्ट में बलरामपुर और श्रावस्ती ने 137 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि बताती है कि जिले न केवल गुणवत्तापूर्ण विकास कार्यों को धरातल पर उतार रहे हैं बल्कि आम जनता की शिकायतों के निस्तारण में भी गंभीरता दिखा रहे हैं।
>शाहजहांपुर ने 134 अंकों के साथ दूसरा और हमीरपुर ने 132 अंकों के साथ तीसरा स्थान पाया है। वहीं पीलीभीत, सोनभद्र, बरेली, अमेठी, हाथरस, औरैया और चंदौली टॉप टेन जिलों में शामिल हुए हैं।
>आईजीआरएस हर महीने 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की समीक्षा कर जिलों की रैंकिंग जारी करता है। इसमें प्रशासनिक दक्षता, जन शिकायत निस्तारण और विकास परियोजनाओं की समयबद्धता को प्राथमिकता दी जाती है। श्रावस्ती और बलरामपुर की यह सफलता सीएम योगी आदित्यनाथ के उस विज़न को दर्शाती है, जिसमें "समय पर काम और जनता को संतुष्टि" सर्वोच्च प्राथमिकता है।
>जिलाधिकारी बलरामपुर पवन अग्रवाल और जिलाधिकारी श्रावस्ती अजय कुमार द्विवेदी का कहना है कि विकास योजनाओं की समय-सीमा पर कड़ी निगरानी, हर सप्ताह समीक्षा बैठक और आम जनमानस की समस्याओं को तात्कालिक समाधान देने की नीति ने इन जिलों को शीर्ष पायदान पर पहुँचाया है। यही कारण है कि श्रावस्ती लगातार कई महीनों से सीएम डैशबोर्ड और आईजीआरएस रिपोर्ट में टॉप फाइव की सूची में कायम है।
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