>उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की सरकार की रणनीति अब और भी ठोस होती दिख रही है। प्रदेश के जिला उद्योग केंद्र (DIC) के महाप्रबंधकों को अब भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) लखनऊ में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे निवेश की परियोजनाओं को बेहतर तरीके से जमीन पर उतार सकें।
>इन्वेस्ट यूपी की इस पहल के तहत, IIM लखनऊ द्वारा तैयार किए गए सात दिवसीय विशेष कोर्स में रणनीतिक नेतृत्व, वित्तीय प्रबंधन, परियोजना क्रियान्वयन और लेखा संचालन जैसी जरूरी विषयों पर ट्रेनिंग दी जाएगी। यह प्रशिक्षण न केवल अफसरों की कार्यकुशलता बढ़ाएगा बल्कि यूपी में निवेश की रफ्तार को भी गति देगा।सरकार केवल अधिकारियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उद्यमी मित्रों के लिए भी एक साल का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए उपयुक्त प्रशिक्षण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यह कार्यक्रम उन्हें जमीनी स्तर पर निवेश परियोजनाओं को साकार करने की कुशलता देगा।
>इन्वेस्ट यूपी की हाल की समीक्षा में यह बात सामने आई कि DIC के महाप्रबंधकों और उद्यमी मित्रों को योजनाओं के क्रियान्वयन में व्यवहारिक प्रशिक्षण की कमी महसूस हो रही थी। अब तक आयोजित चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC) के अंतर्गत 16,478 परियोजनाओं को धरातल पर लाने का लक्ष्य था, लेकिन केवल 8,363 परियोजनाएं ही पूरी हो सकीं। इस गेप को भरने के लिए सरकार ने यह निर्णायक कदम उठाया है। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को स्वीकृति दे दी है। इसका उद्देश्य है कि अधिकारी और सहयोगी निवेशकों के साथ संवाद, परियोजना क्रियान्वयन और रिपोर्टिंग में दक्ष बनें। इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और उत्तर प्रदेश उद्योगों के लिए और अधिक आकर्षक गंतव्य बनेगा।
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