>देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो और विमानन नियामक DGCA के बीच हालिया प्रक्रियाओं को लेकर कई प्रश्न उठ रहे हैं। विंटर शेड्यूल लागू होने, नए FDTL नियमों के प्रवर्तन और बड़े पैमाने पर फ्लाइट रद्द होने के बाद दोनों संस्थाओं की कार्यशैली स्क्रूटिनी में है।
>26 अक्टूबर से लागू विंटर शेड्यूल में कुल 26,495 साप्ताहिक उड़ानों को मंजूरी दी गई, जिनमें से 15,014 उड़ानें इंडिगो को मिलीं। यह पिछले वर्ष की तुलना में 9.7% अधिक है और 1,323 नई साप्ताहिक फ्लाइटें अकेले इंडिगो के हिस्से में गईं। आरोप लगाए गए कि 10% नए रूट बिना विस्तृत एक्शन प्लान के आवंटित किए गए।
>इस बीच DGCA वेबसाइट से संबंधित डेटा हटने पर पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठे। वहीं 1 नवंबर से लागू नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट नियमों के तहत पायलटों के लिए 48 घंटे का साप्ताहिक विश्राम, नाइट-लैंडिंग प्रावधानों और ड्यूटी अवधि पर अतिरिक्त सख्ती लागू की गई।
>इंडिगो पर आरोप है कि उसने बढ़ती उड़ानों के अनुरूप पायलट और क्रू की संख्या नहीं बढ़ाई, जिसके चलते पांच दिनों में प्रतिदिन 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं और देशभर में यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। हालात बिगड़ने पर सरकार ने अस्थायी राहत देते हुए कुछ नियमों में ढील प्रदान की।
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