फोन कॉल अब सिर्फ दो लोगों के बीच बातचीत तक सीमित नहीं रह सकती। अगर रिलायंस जिओ की नई घोषणा को देखें, तो आने वाले समय में एक साधारण कॉल के दौरान नोट्स बनाना, बातचीत की समरी तैयार करना और यहां तक कि कैब बुक करना भी संभव हो सकता है। इसी वजह से जिओ का नया एआई आधारित "जिओ कॉल एजेंट" इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। वजह सिर्फ इसकी तकनीक नहीं, बल्कि वह बदलाव भी है जिसकी ओर यह इशारा कर रहा है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ा रही रिलायंस जिओ ने कई नए एआई फीचर्स की जानकारी दी है, लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान जिओ कॉल एजेंट पर गया है। यह फीचर कॉल के दौरान बातचीत को समझने, उसे टेक्स्ट में बदलने और महत्वपूर्ण बिंदुओं को व्यवस्थित करने में सक्षम बताया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इसे इस्तेमाल करने के लिए किसी जटिल प्रक्रिया की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ "Hey Jio" बोलने के बाद यह फीचर एक्टिव हो सकेगा।
लंबी मीटिंग, बिजनेस कॉल या ग्राहकों के साथ बातचीत के दौरान कई बार महत्वपूर्ण बातें भूल जाती हैं। जिओ कॉल एजेंट इसी समस्या को आसान बनाने का दावा करता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यूजर की अनुमति मिलने के बाद यह फीचर रियल टाइम में बातचीत को टेक्स्ट में बदल सकेगा। यही नहीं, कॉल समाप्त होने के बाद इसकी समरी भी तैयार हो सकती है। इसके अलावा जरूरी कामों की एक अलग सूची भी तैयार की जा सकेगी, जिससे महत्वपूर्ण जानकारी दोबारा खोजने की जरूरत कम हो सकती है।
इस फीचर की एक और खासियत इसकी मल्टीटास्किंग क्षमता मानी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिओ कॉल एजेंट कॉल के दौरान खाना ऑर्डर करने, कैब बुक करने, अपॉइंटमेंट शेड्यूल करने, रिमाइंडर सेट करने जैसे कामों में भी मदद कर सकता है। यानी फोन कॉल केवल बातचीत तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कई डिजिटल कामों का केंद्र बन सकती है।
जिओ कॉल एजेंट को लेकर एक और बात लोगों का ध्यान खींच रही है। बताया गया है कि यह कई भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करेगा। अगर कॉन्फ्रेंस कॉल चल रही है तो यह अलग-अलग लोगों की पहचान भी कर सकेगा और यह बताने में सक्षम होगा कि कौन क्या बोल रहा है। ऐसे में टीम मीटिंग और प्रोफेशनल बातचीत करने वाले लोगों के लिए यह फीचर उपयोगी माना जा रहा है।
ऐसे लोग जो रोजाना लंबी मीटिंग करते हैं, बिजनेस कॉल संभालते हैं, ग्राहकों से लगातार बातचीत करते हैं, मल्टीटास्किंग करते हैं, उनके लिए यह सुविधा समय बचाने में मददगार साबित हो सकती है। मीटिंग नोट्स तैयार करने और जरूरी जानकारी याद रखने की परेशानी भी कम हो सकती है।
नई तकनीक के साथ सबसे बड़ा सवाल डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर उठता है। जिओ कॉल एजेंट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसी विषय को लेकर चर्चा शुरू हो गई। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह फीचर यूजर की अनुमति के बिना कॉल को ट्रांसक्राइब नहीं करेगा और न ही बातचीत की समरी तैयार करेगा। फीचर को एक्टिव करने के लिए यूजर को स्वयं "Hey Jio" कमांड देनी होगी। कंपनी का कहना है कि डेटा सुरक्षा और यूजर की सहमति को प्राथमिकता दी जाएगी।
पिछले कुछ वर्षों में स्मार्टफोन सिर्फ कॉलिंग डिवाइस नहीं रहे हैं। अब एआई की एंट्री के साथ कंपनियां फोन कॉल को भी अधिक स्मार्ट और उपयोगी बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। जिओ कॉल एजेंट को इसी बदलाव की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
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