>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को पौधरोपण महाभियान 2025 के शुभारंभ के दौरान समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) घोटाले का ज़िक्र करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में योजनाएं भ्रष्टाचार और लूट का अड्डा बन गई थीं।
>सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा, “जब लूट की परतें खुलती हैं तो ‘बबुआ’ बौखला जाते हैं।”
>गोरखपुर के चिलुआताल में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपीएनआईसी की लागत केवल ₹200 करोड़ निर्धारित थी, लेकिन मार्च 2017 तक ₹860 करोड़ खर्च हो चुके थे - और परियोजना फिर भी अधूरी थी। उन्होंने कहा, “जेपी का नाम मूल्य आधारित राजनीति का प्रतीक है, लेकिन सपा ने उनके नाम को भी दागदार किया।” उन्होंने बताया कि इस मामले में अब CBI जांच चल रही है।
>मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की लागत को लेकर भी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने बताया कि सपा सरकार ने 341 किमी लंबे और 110 मीटर चौड़े एक्सप्रेसवे का टेंडर ₹15,200 करोड़ में जारी किया था। जबकि भाजपा सरकार ने उसकी चौड़ाई बढ़ाकर 120 मीटर की और टेंडर की लागत घटाकर ₹11,800 करोड़ कर दी। सीएम ने पूछा, “ये ₹4,400 करोड़ किस जेब में जा रहे थे?”
>एक पेड़ मां के नाम - 2.0’ अभियान के तहत सीएम योगी ने चिलुआताल में हरिशंकरी (पीपल, बरगद, पाकड़) के पौधे लगाकर पवित्र धारा वन की नींव रखी। उन्होंने बताया कि 2017 तक प्रदेश में केवल 26 करोड़ पौधे लगे थे, जबकि 2017 के बाद 204 करोड़ पौधे लगाए गए, जिनमें से 75% जीवित हैं।
>सीएम ने यह भी बताया कि कार्बन क्रेडिट योजना के तहत अब तक 25,000 किसानों को ₹32 लाख से अधिक की राशि दी जा चुकी है, और इस बार ₹42 लाख बांटे जाएंगे।
>सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बसपा पर तंज कसते हुए कहा कि जहां उन्होंने “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” की संस्कृति को बढ़ावा दिया, वहीं भाजपा सरकार ने “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” और “वन डिस्ट्रिक्ट वन क्रॉप” जैसी योजनाएं शुरू कर प्रदेश को विकास की राह पर लाया।
>मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि चिलुआताल को रामगढ़ताल की तरह आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पौधरोपण अभियान न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण है, बल्कि मां और धरती माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी एक माध्यम है।
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