राजधानी लखनऊ के सदर तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम जुग्गौर की एक शत्रु संपत्ति की बिक्री अब ई-नीलामी के माध्यम से की जाएगी। गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत भारत के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय ने इस संपत्ति की नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक निवेशकों और खरीदारों के लिए ऑनलाइन आवेदन और बोली लगाने की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है।
कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, ग्राम जुग्गौर स्थित गाटा संख्या 789/0.082 हेक्टेयर की शत्रु संपत्ति को ई-नीलामी के लिए सूचीबद्ध किया गया है। पूरी प्रक्रिया एमएसटीसी ई-कॉमर्स पोर्टल के माध्यम से संपन्न होगी।
शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय के अनुसार, संपत्ति की बिक्री पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए एमएसटीसी ई-कॉमर्स पोर्टल का उपयोग किया जाएगा, ताकि नीलामी प्रक्रिया पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनी रहे। ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से देशभर के पात्र खरीदार निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए बोली में भाग ले सकेंगे।
कार्यालय ने बताया है कि इच्छुक व्यक्ति नीलामी से संबंधित विस्तृत जानकारी एमएसटीसी ई-कॉमर्स पोर्टल, शत्रु संपत्ति अभिरक्षक की आधिकारिक वेबसाइट तथा लखनऊ स्थित कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।
संपत्ति के पंजीकरण, आवंटन और अन्य औपचारिकताओं के संबंध में सहायता के लिए एक नामित अधिकारी भी नियुक्त किया गया है। इच्छुक व्यक्ति 8127189431 पर संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
गृह मंत्रालय के अधीन संचालित इस प्रक्रिया का उद्देश्य लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी शत्रु संपत्तियों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। सरकार इन संपत्तियों को पारदर्शी सार्वजनिक नीलामी के माध्यम से बेचकर उनका उपयोग बढ़ाने और राजस्व अर्जित करने की दिशा में कार्य कर रही है।
नीलामी के लिए प्रस्तावित संपत्ति का विवरण इस प्रकार है—
- स्थान: ग्राम जुग्गौर, सदर तहसील, लखनऊ
- गाटा संख्या: 789/0.082 हेक्टेयर
- नीलामी प्रक्रिया: ई-नीलामी
- माध्यम: एमएसटीसी ई-कॉमर्स पोर्टल
- संपर्क: 8127189431
शत्रु संपत्ति उन संपत्तियों को कहा जाता है जिनके मूल स्वामी भारत छोड़कर पाकिस्तान या चीन चले गए अथवा उन्होंने उन देशों की नागरिकता ग्रहण कर ली। ऐसी संपत्तियों का संरक्षण, प्रबंधन और अभिरक्षण भारत सरकार के अधीन शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय द्वारा किया जाता है। विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार समय-समय पर इन संपत्तियों की सार्वजनिक ई-नीलामी कराती है।
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