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यूपी में एक लाख नौकरियों का लक्ष्य, 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र; पुलिस-होमगार्ड भर्ती भी जारी

लखनऊ के लोकभवन में 818 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए; मुख्यमंत्री ने यूपीएसएसएससी, शिक्षा चयन आयोग और यूपीपीएससी से आने वाली भर्तियों का भी ब्योरा दिया।
Bureau
Bureau News Desk
19 Sep 2026
07:38 PM
1 min read
यूपी में एक लाख नौकरियों का लक्ष्य, 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र; पुलिस-होमगार्ड भर्ती भी जारी
हाइलाइट्स
लखनऊ के लोकभवन में 818 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छह महीने में एक लाख से अधिक नियुक्तियों की बात कही।
पुलिस में करीब 36 हजार और होमगार्ड में 41-42 हजार भर्तियों की प्रक्रिया जारी होने की जानकारी दी गई।
यूपीएसएसएससी से 25-30 हजार और शिक्षा चयन आयोग से 20-25 हजार भर्ती अवसरों का उल्लेख किया गया।

लखनऊ, 19 सितंबर। उत्तर प्रदेश में सरकारी नियुक्तियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मिशन रोजगार के तहत अगले छह महीनों में एक लाख से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र देने की बात कही। लखनऊ के लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नियुक्ति प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। उनके मुताबिक रविवार को भी करीब एक हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। उन्होंने पुलिस, होमगार्ड, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, शिक्षा चयन आयोग और लोक सेवा आयोग के माध्यम से आने वाली भर्तियों का भी ब्योरा दिया। उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक रोजगार पोर्टल पर भी सरकारी और निजी क्षेत्र की नौकरियों, रोजगार मेलों तथा विभिन्न भर्ती संस्थाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।

लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में चयनित 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। कार्यक्रम के दौरान मिशन रोजगार पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पदाधिकारियों को भी बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में आयोग और बोर्ड की भूमिका महत्वपूर्ण है और परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता के साथ परिणाम सामने आने की बात कही।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक साढ़े नौ लाख युवाओं को नियुक्ति दी जा चुकी है और अगले छह महीने के भीतर एक लाख से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया चलेगी। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विभागों में भर्ती प्रक्रिया विभिन्न चरणों में है और परिणाम आने के साथ नियुक्तियां की जाएंगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस में करीब 36 हजार युवाओं की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा होमगार्ड में 41-42 हजार युवाओं की भर्ती की प्रक्रिया भी बताई गई। उन्होंने कहा कि इन भर्तियों में मेडिकल और शारीरिक परीक्षण की प्रक्रिया जारी है।

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग यानी यूपीएसएसएससी से आने वाले परिणामों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अगले छह महीनों में जारी होने वाले परिणामों के माध्यम से करीब 25 से 30 हजार युवाओं को अवसर मिलेंगे। इसी तरह उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग के माध्यम से 20 से 25 हजार भर्तियों की बात कही गई। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन भर्तियों के परिणाम तीन से चार महीने में आने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं के बाद भी अलग-अलग विभागों में करीब 15 से 16 हजार युवाओं को नियुक्ति मिलने की बात मुख्यमंत्री ने कही। इन आंकड़ों को मुख्यमंत्री ने विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं के संभावित परिणामों के संदर्भ में कार्यक्रम के दौरान साझा किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र वितरण का सिलसिला केवल शनिवार तक सीमित नहीं रहेगा। उनके अनुसार, रविवार को भी करीब एक हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नियुक्ति की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और विभिन्न भर्ती संस्थाओं के परिणाम आने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाएगी। सरकारी भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश में अलग-अलग आयोग और भर्ती बोर्ड अपनी-अपनी प्रक्रियाएं संचालित करते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के रोजगार पोर्टल पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड समेत विभिन्न संस्थाओं के लिंक भी उपलब्ध हैं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले की सरकारों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी कई आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय आयोगों और बोर्डों में राजनीतिक हस्तक्षेप तथा भाई-भतीजावाद के कारण भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कई भर्तियों में ऐसे लोगों को भी नियुक्ति पत्र दिए गए जिन्होंने आवेदन तक नहीं किया था। यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक आरोप है; कार्यक्रम में इसके समर्थन में कोई अलग दस्तावेज या विस्तृत मामलेवार आंकड़े प्रस्तुत नहीं किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और मेरिट को प्राथमिकता देने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि ग्रुप-3 और ग्रुप-4 की भर्ती में साक्षात्कार व्यवस्था समाप्त की गई है। उनके मुताबिक, इससे चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और मेरिट की भूमिका बढ़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञापन जारी होने से लेकर नियुक्ति पत्र वितरण तक की प्रक्रिया की समयबद्धता और मेरिट को लेकर समीक्षा की जा रही है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं को रोकने के लिए सरकार की ओर से किए गए बदलावों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, पहले विज्ञापन जारी होने के बाद चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले गिरोहों और बिचौलियों की भूमिका की शिकायतें सामने आती थीं। सरकार की ओर से भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर दिए जाने की बात कही गई।

उत्तर प्रदेश सरकार लंबे समय से मिशन रोजगार के तहत सरकारी नियुक्तियों और रोजगार के विभिन्न अवसरों को एक साथ आगे बढ़ाने की बात करती रही है। सरकार के 2026-27 के बजट दस्तावेज में भी रोजगार से जुड़े विभिन्न विभागों और भर्तियों का उल्लेख है। बजट दस्तावेज के अनुसार, वर्ष 2017 से पुलिस विभाग में विभिन्न पदों पर बड़ी संख्या में भर्ती की गई है और कई पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी बताई गई है। सरकारी रोजगार पोर्टल 'रोजगार संगम' पर सरकारी क्षेत्र के साथ निजी नौकरियों, रोजगार मेलों, अप्रेंटिसशिप और अन्य रोजगार अवसरों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाती है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में रोजगार के साथ उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय, महिला कार्यबल, बजट और औद्योगिक गतिविधियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने उत्तर प्रदेश की युवा आबादी को आर्थिक अवसरों से जोड़ने पर काम किया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय, अर्थव्यवस्था, महिला कार्यबल और बजट में वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को राजस्व अधिशेष वाला राज्य बताते हुए कहा कि राज्य देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इन दावों के संदर्भ में कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सरकार की विभिन्न योजनाओं और आर्थिक गतिविधियों का उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम यानी एमएसएमई क्षेत्र का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने हस्तशिल्पियों और कारीगरों को बाजार, तकनीक और प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की बात कही। मुख्यमंत्री के अनुसार, इससे राज्य के पारंपरिक उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश से बड़े स्तर पर निर्यात हो रहा है और कारीगरों तथा हस्तशिल्पियों को इससे आर्थिक अवसर मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के आगामी आयोजन की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि 25 से 29 सितंबर तक गौतमबुद्ध नगर में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, इसमें करीब 650 विदेशी खरीदार और 2,500 से अधिक प्रदर्शक शामिल होंगे। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के युवाओं, कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों के उत्पादों की प्रदर्शनी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से राज्य के उत्पादों को बड़े खरीदारों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में करीब 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि इनमें बड़ी संख्या में महिला उद्यमी भी शामिल हैं और महिलाएं स्टार्टअप के माध्यम से कारोबार कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने डिजिटल इंडिया और स्टैंड-अप इंडिया जैसी केंद्रीय पहलों का भी उल्लेख किया और कहा कि इनके माध्यम से युवाओं तथा उद्यमियों को नए अवसर मिले हैं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आयुष क्षेत्र के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले आयुष क्षेत्र को उतना संस्थागत मंच नहीं मिला था, जबकि बाद में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा को आगे बढ़ाने के लिए संस्थागत प्रयास किए गए। मुख्यमंत्री ने आयुष विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों और प्रशिक्षण से जुड़े संस्थानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक और पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में काम करने के साथ भर्ती के अवसर भी बढ़े हैं।

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए कार्यक्रम में पुलिस और होमगार्ड भर्ती से जुड़ा अपडेट भी महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री के अनुसार, पुलिस में करीब 36 हजार और होमगार्ड में 41-42 हजार युवाओं की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित प्रक्रियाओं में मेडिकल और शारीरिक परीक्षण जारी हैं। नियुक्ति की अंतिम स्थिति संबंधित भर्ती संस्थाओं की प्रक्रिया और परिणाम के आधार पर तय होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग आयोगों और भर्ती संस्थाओं के परिणाम आने के साथ नियुक्ति पत्र वितरण का सिलसिला आगे बढ़ेगा। उनके मुताबिक, यूपीएसएसएससी से 25-30 हजार, उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग से 20-25 हजार और यूपीपीएससी की परीक्षाओं के बाद करीब 15-16 हजार युवाओं को विभिन्न विभागों में नियुक्ति मिलने की संभावना है। कार्यक्रम में आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह और एमएसएमई राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे। सरकार के आधिकारिक दस्तावेजों में भी मिशन रोजगार के तहत विभिन्न विभागों में नियुक्तियों और चल रही भर्ती प्रक्रियाओं का उल्लेख मिलता है।

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