>विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सिनर्जी संस्था ने खण्ड विकास अधिकारी अभिलाषा सिंह के तत्वावधान में चिनहट क्षेत्र स्थित सैरपुर गांव में एक जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य था - कचरा प्रबंधन के ज़रिए पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और ग्रामीणों को घर-घर से निकलने वाले कचरे से कम्पोज़िट खाद बनाने की विधि सिखाना।
>कार्यक्रम की शुरुआत में संस्था के सदस्यों ने गीले और सूखे कचरे की पहचान, संग्रहण और पृथक्करण की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही घरेलू खतरनाक कचरे जैसे बैटरी, ब्लीचिंग पाउडर आदि के निपटान के सुरक्षित उपायों पर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों को बताया गया कि किस प्रकार कचरे का सही उपयोग करके न केवल वे अपने खेतों के लिए जैविक खाद तैयार कर सकते हैं, बल्कि अपने पर्यावरण को भी स्वच्छ और सुरक्षित बना सकते हैं।
सिनर्जी संस्था ने सैरपुर में स्थापित कचरा प्रबंधन केंद्र का उपयोग करने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया और बताया कि यह केंद्र किस तरह स्थानीय स्तर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में सहायता कर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान एक विशेष वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया। इस अभियान में ग्राम सचिव आस्था मिश्रा, ग्राम प्रधान शिवकुमार, पंचायत सहायक राहुल कुमार, आशा कार्यकर्ता अनीता देवी, समूह सखी, ग्रामवासी और सिनर्जी संस्था के सदस्य निहारिका मौर्या, सरिता दुबे, अरविंद कुमार व माता प्रसाद यादव ने भाग लिया।
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