>उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित केजीएमयु में धर्मांतरण प्रयास से जुड़े मामले की जांच के लिए गठित समिति में बदलाव किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने समिति में नए सदस्यों को शामिल करते हुए जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।
>संशोधित जांच समिति में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अंजू अग्रवाल को सदस्य बनाया गया है, जबकि सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी भावेश कुमार को भी समिति में शामिल किया गया है। मामले में आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर को पहले ही निलंबित किया जा चुका है और उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
>जांच समिति की बैठक सोमवार को आयोजित हुई, जिसमें आउटसोर्सिंग कर्मियों को लेकर लगाए गए आरोपों की समीक्षा की गई। जांच में सामने आया कि कुल 3,995 आउटसोर्स कर्मियों में केवल 289 अल्पसंख्यक हैं। इसी तरह पैथोलॉजी विभाग में कार्यरत 51 संविदा शिक्षकों में सिर्फ दो अल्पसंख्यक पाए गए।
>विश्वविद्यालय प्रशासन ने बयान जारी करने के लिए अलग से तीन सदस्यीय समिति का गठन भी किया है। साथ ही धर्मांतरण से संबंधित शिकायतें ईमेल आईडी factfindingcommittee@kgmcindia.edu पर भेजे जाने की व्यवस्था की गई है।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें