केजीएमयु लव जिहाद मामले में पुलिस खाली हाथ लौटी

Lucknow News: लखनऊ के KGMU यौन शोषण व धर्मांतरण प्रयास मामले में आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक की तलाश में गई पुलिस उत्तराखंड से लौट आई।
News Desk 28 Dec 2025, 05:41 PM 1 min read
केजीएमयु लव जिहाद मामले में पुलिस खाली हाथ लौटी


>किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से जुड़े यौन शोषण और धर्मांतरण की कोशिश के मामले में आरोपी डॉक्टर की तलाश में गई पुलिस टीम उत्तराखंड से वापस लौट आई है। फिलहाल आरोपी डॉक्टर का कोई ठोस सुराग पुलिस के हाथ नहीं लग सका है।


>पुलिस के अनुसार, आरोपी डॉ. रमीज मलिक की तलाश में एक टीम उत्तराखंड के विभिन्न संभावित ठिकानों पर भेजी गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि रमीज मलिक की आखिरी मोबाइल लोकेशन खटीमा क्षेत्र में दर्ज की गई थी। हालांकि, उसका मोबाइल फोन बंद होने के कारण वर्तमान लोकेशन ट्रेस नहीं की जा सकी।


>पुलिस ने आरोपी के परिजनों से भी पूछताछ की, लेकिन उनसे भी कोई ठोस जानकारी हासिल नहीं हो पाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तीन अलग-अलग टीमें गठित की हैं, जो लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कुल तीन विशेष टीमें गठित की हैं, जो अलग-अलग संभावित स्थानों पर तलाश और जांच की कार्रवाई कर रही हैं।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?