लखनऊ में एआई सिटी उत्तर प्रदेश को बनाएगी वैश्विक टेक हब

Lucknow News: लखनऊ में प्रस्तावित एआई सिटी को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। परियोजना से रोजगार, निवेश और उत्तर प्रदेश की 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
News Desk 03 Jan 2026, 07:31 PM 1 min read
लखनऊ में एआई सिटी उत्तर प्रदेश को बनाएगी वैश्विक टेक हब


>उत्तर प्रदेश को तकनीक और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में लखनऊ में प्रस्तावित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिटी को अहम परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इस परियोजना के माध्यम से राज्य को वैश्विक टेक मानचित्र पर स्थापित करने की योजना पर आगे बढ़ रही है।


>राज्य सरकार की योजना के अनुसार एआई सिटी को दो हिस्सों में विकसित किया जाएगा। कुल क्षेत्रफल का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा कोर जोन के रूप में विकसित होगा, जहां एआई इनोवेशन सेंटर, टेक पार्क, रिसर्च लैब्स और अत्याधुनिक डेटा सेंटर्स स्थापित किए जाएंगे। शेष 40 प्रतिशत क्षेत्र में रेजिडेंशियल, कमर्शियल और सामाजिक अवसंरचना का विकास किया जाएगा।


>यह परियोजना पीपीपी मॉडल पर विकसित की जाएगी, जिससे सरकारी सहयोग के साथ निजी निवेश को बढ़ावा दिया जा सके। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाना है, जिसमें आईटी-आईटीईएस और एआई सेक्टर को प्रमुख ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित किया जाएगा।


>लखनऊ की एआई सिटी को एक आत्मनिर्भर और समर्पित टेक हब के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर और वैश्विक टेक कंपनियों के लिए आधुनिक कार्यस्थल उपलब्ध कराए जाएंगे। परियोजना का उद्देश्य भारतीय और अंतरराष्ट्रीय एआई कंपनियों को एक ही स्थान पर विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।


>शैक्षणिक दृष्टि से भी लखनऊ को इस परियोजना के लिए अनुकूल माना जा रहा है। आईआईएम लखनऊ और आईआईआईटी लखनऊ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की मौजूदगी से रिसर्च, इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट को मजबूती मिलने की उम्मीद है। आईटी विशेषज्ञों के अनुसार, एआई सिटी इन संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर एक मजबूत टैलेंट पूल तैयार करेगी।


>एआई सिटी के माध्यम से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय युवाओं को प्रदेश में ही तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के नए विकल्प उपलब्ध होंगे।

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