>लखनऊ एयरपोर्ट पर ड्रग तस्करी की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने दो भारतीय युवकों को 15.46 करोड़ रुपये की हाइड्रोपोनिक गांजा (वीड) के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी बैंकॉक से फ्लाइट नंबर IX 104 से लखनऊ पहुंचे थे।
>DRI अधिकारियों ने दोनों यात्रियों की संदिग्ध गतिविधियों को देखकर उनके चेक-इन बैग की जांच की। तलाशी के दौरान बैग से एल्यूमीनियम फॉइल में लिपटे कई पैकेट बरामद हुए, जिनमें हरे रंग की गांठदार सामग्री थी। फील्ड टेस्ट में यह सामग्री हाइड्रोपोनिक गांजा (वीड) पाई गई।
>बरामद ड्रग्स का कुल वजन 15.46 किलोग्राम है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग ₹15.46 करोड़ आंकी गई है। DRI ने NDPS एक्ट, 1985 के तहत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।
>सूत्रों के मुताबिक, यह खेप किसी अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा हो सकती है। हाइड्रोपोनिक गांजा अमूमन डार्कनेट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बेचा जाता है, जो विशेष रूप से युवाओं को निशाना बनाता है। DRI की टीमें यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस खेप का कनेक्शन लखनऊ या आसपास के किसी स्थानीय नेटवर्क से तो नहीं है। साथ ही, बैंकॉक से इसकी पूरी सप्लाई चैन की जांच भी की जा रही है।
>यह पहली बार नहीं है जब लखनऊ एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी की कोशिश नाकाम की गई है। हाल ही में दो थाई महिलाएं बैंकॉक से आए फ्लाइट के जरिए ₹4 करोड़ की ड्रग्स के साथ पकड़ी गई थीं। पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
>इससे पहले युगांडा की एक महिला अनीताह नाबाफू वामुकूता के पास से 20 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद किया गया था। कस्टम अधिकारियों को पहले से सूचना थी, और फ्लाइट लैंड होते ही महिला की स्कैनिंग की गई, जिससे ड्रग्स की खेप पकड़ी गई।
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