लखनऊ में तेज रफ्तार का कहर जारी, आलमबाग में सड़क हादसे में युवक की मौत

Lucknow News: लखनऊ के आलमबाग थाना क्षेत्र में फतेहली चौकी के पास तेज रफ्तार डाले की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत, चालक गिरफ्तार।
News Desk 30 Dec 2025, 01:29 PM 1 min read
लखनऊ में तेज रफ्तार का कहर जारी, आलमबाग में सड़क हादसे में युवक की मौत


>राजधानी लखनऊ में तेज रफ्तार एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। आलमबाग थाना क्षेत्र में हुए एक भीषण सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार युवक की मौत हो गई। हादसा फतेहली चौकी के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार डाले ने बाइक को टक्कर मार दी।


>पुलिस के अनुसार, आलमबाग क्षेत्र के अंतर्गत फतेहली चौकी के पास तेज रफ्तार डाले ने मोटरसाइकिल सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही आलमबाग थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को तत्काल सिविल अस्पताल पहुंचाया।


>सिविल अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद डाला चालक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल डाले को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?