>लखनऊ के ऐतिहासिक बड़ा इमामबाड़ा में ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड का अधिवेशन आयोजित हुआ। अधिवेशन में देश-विदेश से आए शिया धर्मगुरुओं और प्रतिनिधियों ने शिया समुदाय से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
>अधिवेशन में शिया समुदाय के उत्थान से संबंधित 24 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इनमें देश में प्रस्तावित कॉमन सिविल कोड पर विचार, जन्नत-उल-बकी कब्रिस्तान के पुनर्निर्माण के लिए भारत सरकार के माध्यम से प्रयास, तथा सच्चर समिति की तर्ज पर शिया मुसलमानों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति के आकलन हेतु अलग आयोग गठन की मांग शामिल रही।
>प्रतिनिधियों ने अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं में शिया मुसलमानों को उनकी आबादी के अनुपात में हिस्सा देने, आर्थिक पिछड़ेपन के आधार पर नौकरियों में आरक्षण, और संसद व विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व के अभाव पर भी चर्चा की। सामाजिक सुधारों के तहत विवाह और शोक अवसरों पर अनावश्यक खर्च पर नियंत्रण, आतंकवाद की निंदा, धार्मिक व प्रचलित शिक्षा में सुधार, नफरत भरे भाषण और मॉब लिंचिंग रोकने के कानूनी उपायों पर विचार किया गया। इसके अलावा वक्फ बोर्डों में भ्रष्टाचार, वक्फ संपत्तियों की बिक्री, वक्फ संशोधन अधिनियम, हिजाब पर किसी भी प्रकार की रोक, तथा इस्लाम की शिक्षाओं की प्रस्तुति से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
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