लखनऊ में सरकारी जमीनों पर भू-माफियाओं का कब्जा, भोले-भाले लोगों से हो रही ठगी

रजिस्ट्री कही और की, कब्ज़ा सरकारी जमीन पर - ठगे जा रहे भोले भाले लोग।
Bureau 16 May 2026, 06:50 PM 1 min read
लखनऊ में सरकारी जमीनों पर भू-माफियाओं का कब्जा, भोले-भाले लोगों से हो रही ठगी

 

राजधानी लखनऊ की सदर तहसील के चिनहट क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर भू-माफियाओं का कब्जे का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। नगर निगम, सिंचाई विभाग और ग्राम पंचायत की आरक्षित जमीनों पर अवैध कब्जा कर मकान निर्माण का धंधा खुलेआम चल रहा है। करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर कब्जा हो चुका है, जबकि इन संपत्तियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।

 

आरोप है कि भू-माफिया सुनियोजित तरीके से बाहरी लोगों को निशाना बनाते हैं, जिन्हें स्थानीय जमीनों की सही जानकारी नहीं होती। उन्हें सरकारी जमीन दिखाकर किसी दूसरी गाटा संख्या की रजिस्ट्री कराई जाती है और कब्जा सरकारी भूमि पर दिला दिया जाता है।

 

बताया जा रहा है की इस पूरे खेल में भू-माफिया बेहद चालाकी से काम करते हैं। रजिस्ट्री किसानों के नाम से कराई जाती है और गवाही भी किसानों से ही दिलवाई जाती है, ताकि किसी कानूनी कार्रवाई की स्थिति में वे खुद को सुरक्षित रख सकें। हरदासीखेड़ा, रहमानपुर-गणेशपुर, धांवा और लोलाई जैसे इलाकों में यह खेल लंबे समय से जारी है। आरोप है कि भू-माफिया लोगों की जीवनभर की कमाई लूटकर उन्हें ऐसा आशियाना सौंप रहे हैं, जो पूरी तरह अवैध है।

 

ऐसा ही एक मामला सिंचाई विभाग की नहर की सरकारी जमीन पर सामने आया है, जहां कई बीघा भूमि पर मकानों का निर्माण हो चुका है, जबकि कई जगह निर्माण कार्य अभी भी जारी है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि नगर निगम, सिंचाई विभाग और तहसील प्रशासन जैसे जिम्मेदार विभाग इतने बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध निर्माण के बावजूद आंखें मूंदे बैठे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतने बड़े स्तर पर कब्जा और निर्माण संभव नहीं है।

 

स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद संबंधित विभाग केवल जांच का आश्वासन देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। प्रशासनिक विभागों की यह चुप्पी सरकार की भू-माफियाओं के खिलाफ घोषित जीरो टॉलरेंस नीति पर भी सवाल खड़े कर रही है। 

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?