“डिजिटल गिरफ्तारी” का नया जाल: लखनऊ के व्यवसायी से 47 लाख की साइबर ठगी

News Desk 26 Jun 2025, 08:56 PM 1 min read
“डिजिटल गिरफ्तारी” का नया जाल: लखनऊ के व्यवसायी से 47 लाख की साइबर ठगी


>साइबर ठगों की शातिर चालों का शिकार इस बार राजधानी लखनऊ के एक प्रतिष्ठित चमड़ा व्यवसायी बने हैं। ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी और फिर CBI अफसर बताकर व्यवसायी को “डिजिटल अरेस्ट” में लिया और दो दिन तक डर का ऐसा माहौल बनाया कि पीड़ित ने 47 लाख रुपए उनके बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए।

मुंबई के अंधेरी थाने का नाम लेकर बनाया दबाव


>विनयखंड निवासी व्यवसायी रविंद्र वर्मा के मुताबिक, 20 जून की सुबह 10:30 बजे एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई अंधेरी थाने का अधिकारी बताया और कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में हो रहा है, जिसके चलते उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज है।

वीडियो कॉल पर “पुलिस अफसर”, फिर CBI अधिकारी बना डर का हथियार


>कुछ देर बाद रविंद्र को एक वीडियो कॉल आई जिसमें सामने एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में नजर आया। उसने दावा किया कि रविंद्र मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल हैं और उनके खिलाफ गिरफ्तारी के आदेश जारी हो चुके हैं। लेकिन गिरफ्तारी से पहले “डिजिटल अरेस्ट” का मौका दिया जाएगा  बशर्ते वो किसी को इस बारे में जानकारी न दें।


>ठगों ने उन्हें एक कमरे में अकेले बैठने और वीडियो कॉल चालू रखने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने बैंक खातों की डिटेल मांगी और कहा कि अब CBI अधिकारी उनसे पूछताछ करेंगे।

दो दिन में दो खातों में उड़ाए 47 लाख रुपए


>21 जून को कथित CBI अधिकारी ने रविंद्र को चिनहट स्थित इंडसइंड बैंक ब्रांच भेजा और वहां से दो अलग-अलग खातों में 47 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए। पीड़ित को यह भी कहा गया कि पूछताछ पूरी होने के बाद सारी राशि उन्हें वापस मिल जाएगी।

बेटी को बताया, तब खुली ठगी की सच्चाई


>पीड़ित को संदेह हुआ तो उन्होंने घटना की जानकारी अपनी बेटी को दी। बेटी की समझदारी से मामला सामने आया और परिवार ने तुरंत साइबर थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?