राजधानी लखनऊ में सोमवार को पंचायत चुनाव को लेकर ग्राम प्रधानों का आक्रोश खुलकर सामने आया। अखिल भारतीय ग्राम पंचायत संगठन के बैनर तले प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे ग्राम प्रधानों ने हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान प्रधानों ने पंचायत चुनाव समय पर कराने की मांग उठाई और सरकार के प्रस्तावित फैसले को लेकर नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शन कर रहे ग्राम प्रधानों का कहना था कि उनका कार्यकाल जल्द समाप्त होने वाला है, लेकिन राज्य सरकार पंचायत चुनाव एक वर्ष बाद कराने की तैयारी कर रही है। प्रधानों ने आरोप लगाया कि यदि निर्धारित समय पर चुनाव नहीं कराए गए तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित होगी और गांवों के विकास कार्यों पर भी असर पड़ेगा।
गांधी प्रतिमा पर एकत्र हुए प्रधानों ने नारेबाजी करते हुए अपनी विभिन्न लंबित मांगों को भी सरकार के सामने रखा। प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी देर तक गरमाया रहा। प्रधानों ने कहा कि पंचायत व्यवस्था ग्रामीण प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है और चुनाव में देरी से प्रशासनिक एवं विकासात्मक गतिविधियों में बाधा उत्पन्न हो सकती है। प्रदर्शन के बीच ग्राम प्रधानों के प्रतिनिधिमंडल ने पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानों ने अपनी समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखा। मंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुनते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
वहीं प्रदर्शन की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे ग्राम प्रधानों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। वार्ता के दौरान डिप्टी सीएम ने प्रधानों को मिठाई खिलाकर शांत कराया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भी ग्राम प्रधानों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
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