इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बाजारों में कथित रूप से प्रतिबंधित चीनी लहसुन की बिक्री के मामले में सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने केंद्र सरकार से जवाब तलब करते हुए पूर्व में जारी आदेशों पर अनुपालन रिपोर्ट मांगी है।
मामला अधिवक्ता मोतीलाल यादव द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान उठा। याचिका में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2014 से रसायनयुक्त चीनी लहसुन की बिक्री पर प्रतिबंध होने के बावजूद यह उत्पाद बाजारों में बेचा जा रहा है।
अदालत ने 26 और 27 सितंबर 2024 को पारित आदेशों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट करने के लिए केंद्र सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। पूर्व आदेशों में खाद्य आयुक्त और लखनऊ के जिलाधिकारी को कार्रवाई करने तथा शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन जारी करने के निर्देश दिए गए थे।
कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि प्रतिबंध के बावजूद बाजार में कथित रूप से चीनी लहसुन की उपलब्धता कैसे बनी हुई है और इस पर क्या कदम उठाए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को निर्धारित की गई है।
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